कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के मुंबई में तरबूज और बिरयानी का सेवन करने से एक ही परिवार के 4 लोग मर गए थे। अब उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां तरबूज और मैगी का सेवन करने से एक ही परिवार के नौ लोगों की तबीयत खराब होने की खबर सामने आई है। फिलहाल वह सभी अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज किया जा रहा है।
पहले खाया तरबूज, फिर खाई मैगी
परिवार के लोगों ने बताया कि गुरुवार शाम करीब चार बजे सभी ने तरबूज खाया था। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद मैगी बनाई गई, जिसे परिवार के कई सदस्यों ने खाया। इसके कुछ समय बाद एक-एक कर लोगों को उल्टी, दस्त और कमजोरी की शिकायत शुरू हो गई। बीमार हुई एक बच्ची ने बताया कि तरबूज और मैगी खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तेज बुखार और ठंड लगने की शिकायत हुई। शुरुआत में परिवार के सभी लोगों को गांव के पास स्थित अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें गोरखपुर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
70 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर बच्चे तक प्रभावित
बीमार पड़ने वालों में 70 साल के बुजुर्ग से लेकर आठ साल की बच्ची तक शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है। गोरखपुर जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीके सुमन ने बताया कि सभी मरीजों को अस्पताल के न्यू OPD वार्ड में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि लोगों की तबीयत तरबूज खाने से बिगड़ी या इसकी मैगी के कारण ऐसा हुआ है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
केमिकल और एक्सपायरी फूड पर डॉक्टरों की चेतावनी
डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि फल पकाने में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक केमिकल या फिर एक्सपायरी पैकेट बंद खाद्य पदार्थ भी बीमारी की वजह हो सकते हैं। संक्रामक रोगों के मौसम में इस तरह की घटनाएं स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि फल और पैकेज्ड फूड हमेशा विश्वसनीय दुकानों से खरीदें और इस्तेमाल से पहले उनकी एक्सपायरी डेट जरूर जांच लें। साथ ही साफ-सफाई और खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की भी अपील की गई है।
Read More

