अमरनाथ यात्रा(Amarnath Yatra) की तैयारी कर रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष भी एक बड़ी चुनौती सामने आई है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लगातार दूसरे साल यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर सेवा संचालित नहीं करने का फैसला लिया है। इस निर्णय का सबसे अधिक असर बुजुर्ग, दिव्यांग और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे श्रद्धालुओं पर पड़ने वाला है जो अब तक इस सुविधा के माध्यम से अपेक्षाकृत आसानी से पवित्र गुफा तक पहुंचते थे।
अमरनाथ यात्रा देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है। ऊंचे पहाड़ों, बदलते मौसम और लंबी पैदल चढ़ाई के कारण यह यात्रा शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा कई श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प थी लेकिन इस बार भी उन्हें वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को दी गई प्राथमिकता
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यात्रा मार्ग के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और हवाई निगरानी को प्राथमिकता देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमित हवाई संसाधनों का उपयोग निगरानी और आपातकालीन जरूरतों के लिए करना अधिक आवश्यक है।
यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में ड्रोन कैमरों, CCTV नेटवर्क और आधुनिक निगरानी तकनीकों की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को भी पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ बनाने का दावा किया गया है।
पैदल, घोड़े और पालकी ही बनेंगे सहारा
हेलीकॉप्टर सेवा बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं को पारंपरिक मार्गों से ही यात्रा पूरी करनी होगी। पहलगाम और बालटाल दोनों रूटों पर पैदल यात्रा के साथ-साथ घोड़े, खच्चर और पालकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। हालांकि, इससे यात्रा का समय बढ़ सकता है और शारीरिक श्रम भी अधिक करना पड़ेगा।
यात्रा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मार्गों पर विश्राम स्थलों, स्वास्थ्य शिविरों और आवश्यक सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
जहां एक ओर अमरनाथ यात्रा में कठिनाइयां बढ़ी हैं, वहीं उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।
ताजा आंकड़ों की ओर नजर डालें तो, अब तक 10.5 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम में दर्शन कर चुके हैं। वहीं बद्रीनाथ धाम में भी 8 लाख से ज्यादा भक्त भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। दोनों धामों में लगातार बढ़ रही भीड़ के चलते प्रशासन को यातायात और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।