कर्नाटक की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। बुधवार को आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में डीके शिवकुमार(DK Shivakumar) ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। लंबे समय से चल रही राजनीतिक चर्चाओं और सत्ता हस्तांतरण की अटकलों के बाद आखिरकार कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य की कमान उनके हाथों में सौंप दी। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पार्टी पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार का स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे, जिसने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
जी. परमेश्वर बने उपमुख्यमंत्री
नई सरकार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री के बाद उन्होंने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। पार्टी संगठन और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें सरकार में अहम भूमिका दी गई है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और नीतिगत फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी।
नई कैबिनेट में अनुभवी और युवा नेताओं का संतुलन
डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल में कुल 14 नेताओं ने शपथ ली है। कांग्रेस ने इस बार अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नई पीढ़ी के चेहरों को भी अवसर देकर संतुलन बनाने की कोशिश की है। कैबिनेट में शामिल प्रमुख नेताओं में के.एच. मुनियप्पा, के.जी. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यू.टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं।
विशेष रूप से के.एच. मुनियप्पा का नाम चर्चा में है। दलित समुदाय से आने वाले मुनियप्पा लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे कोलार संसदीय क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और केंद्र सरकार में भी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। राज्य की राजनीति में उनका अनुभव नई सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विकास पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार ने राज्य की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं लेकिन उनकी टीम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी क्षमता से काम करेगी।
शिवकुमार ने संकेत दिए हैं कि उनकी सरकार का मुख्य फोकस सुशासन, तेज़ विकास, बेहतर बुनियादी ढांचा और निवेश को बढ़ावा देने पर रहेगा। इसके अलावा रोजगार सृजन, उद्योगों को प्रोत्साहन और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।