भारतीय शेयर बाजार में मंदी का दौर गहराता जा रहा है और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली देखने को मिली है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से 1,200 अंक से अधिक लुढ़ककर 72,585.92 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 300 अंकों की कमजोरी के साथ 22,400 के नीचे आ गया है। इसके अलावा, निफ्टी बैंक में भी 1,000 अंकों से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में बड़ी तबाही
इस मंदी की मार सबसे ज्यादा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो से लगातार चौथे दिन हरियाली गायब रही है। आज के कारोबार में निफ्टी मिडकैप में 3.16 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 3.64 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, यह कमजोरी अब केवल छोटे शेयरों तक सीमित न रहकर लार्जकैप सेगमेंट के आंतरिक विस्तार को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है।
21,000 तक गिर सकता है निफ्टी
प्रसिद्ध ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने चेतावनी दी है कि यदि निफ्टी 22,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलता है, तो बाजार की स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। फर्म का अनुमान है कि अगले तीन महीनों में निफ्टी में 1,500 से 1,600 अंकों की एक और बड़ी गिरावट आ सकती है, जिसके चलते सूचकांक 21,000 के स्तर को भी छू सकता है। फिलहाल बाजार के लिए 22,550 से 22,180 का दायरा सबसे अहम पड़ाव बना हुआ है।
तकनीकी मोर्चे पर गहराता दबाव
जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा समय में केवल 24 प्रतिशत शेयर ही अपने 50-दिवसीय मूविंग एवरेज (DMA) और मात्र 22 प्रतिशत शेयर अपने 200-DMA से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। इतिहास गवाह है कि जब भी बाजार ने 200-सप्ताह के ईएमए स्तर को तोड़ा है, तो शॉर्ट टर्म में तेज गिरावट आई है, हालांकि यह स्थिति लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए चुनिंदा बेहतरीन अवसर भी पैदा करती है।
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