सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंतिम घंटे में बाजार में भारी गिरावट आई और BSE सेंसेक्स 1,900 अंक से अधिक टूट गया, जबकि NSE निफ्टी 565 अंक से ज्यादा फिसल गया। इस गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर दिया गया बयान प्रमुख वजह माना जा रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों में भी अनिश्चितता बढ़ गई।
अंतिम घंटे में तेज बिकवाली
बुधवार को बाजार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई थी। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180 अंक के मुकाबले गिरावट के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में ही 500 अंकों से अधिक लुढ़क गया। हालांकि दिनभर सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद अंतिम घंटे में बिकवाली तेज हो गई। दोपहर करीब 2:50 बजे सेंसेक्स करीब 1,900 अंक टूटकर 76,280 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 565 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
हर सेक्टर पर दिखा दबाव
इस गिरावट का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा। लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सभी वर्गों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के अधिकांश शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
ट्रंप के बयान से बढ़ी वैश्विक चिंता
शेयर बाजार में अचानक आई इस गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर दिया गया सख्त बयान माना जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ किसी भी नए समझौते के पक्ष में नहीं हैं और उनके अनुसार ईरान के साथ बातचीत का दौर समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, “मैं ईरान के साथ कोई नई डील नहीं करना चाहता। उनके साथ बातचीत समय की बर्बादी है। मेरा मानना है कि यह मुद्दा अब खत्म हो चुका है।”
निवेशकों की बढ़ी चिंता
ट्रंप के बयान के बाद मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई, जिसका असर वैश्विक निवेशकों की धारणा पर पड़ा। इसके चलते भारतीय बाजार समेत कई उभरते बाजारों में बिकवाली तेज हो गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी बाजारों के रुख पर बनी रहेगी।
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