उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिजनों के लिए एक राहत भरा फैसला लिया है। राज्य मंत्रिमंडल(Yogi cabinet) की हालिया बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया था कि अब होमगार्ड्स को भी 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। अब इस फैसले के साथ विभाग में तैनात अवैतनिक अधिकारियों को भी इस स्वास्थ्य सुविधा के दायरे में शामिल कर लिया गया है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबिक, राज्य में होमगार्ड्स के लिए 1,18,348 पद स्वीकृत हैं जिनमें से वर्तमान में 73,421 स्वयंसेवक सक्रिय रूप से तैनात हैं। इसके अलावा 41,424 नई भर्तियों की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इनकी नियुक्ति के बाद राज्य में होमगार्ड्स की कुल संख्या 1.14 लाख से अधिक हो जाएगी जिससे बड़ी संख्या में लोगों को इस योजना का सीधा फायदा मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवा का दायरा में होगी बढ़ोतरी
इस योजना का संचालन राज्य व्यापक स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत होमगार्ड्स और उनके परिवारों को बिना किसी अग्रिम भुगतान के 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा दी जाएगीजिससे आपात स्थिति में आर्थिक बोझ कम होगा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
सरकार को सालाना कितना पैसा करना होगा खर्च ?
इस फैसले से राज्य सरकार पर हर साल लगभग 35.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा। हालांकि सरकार का मानना है कि यह खर्च होमगार्ड्स के कल्याण और उनकी सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 दिसंबर 2025 को होमगार्ड दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे औपचारिक रूप से लागू करने का रास्ता साफ हो गया है जिससे होमगार्ड्स समुदाय में खुशी की लहर देखी जा रही है।\