मध्य प्रदेश के बालाघाट(Balaghat) जिले के खैरलांजी वन क्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। भंडारबोड़ी सर्किल के अंदर आने वाले पिपरटोला गांव में एक वयस्क नर भालू का शव खेत के कुएं से बिखरे हुए टुकड़ों के रूप में बरामद हुआ है। इसके बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच पड़ताल के आधार पर अधिकारियों को शक है कि यह अवैध शिकार का मामला हो सकता है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह किसान जियालाल धुर्वे धान की बुआई के लिए अपने खेत पहुंचे थे। इसी दौरान खेत में बने कुएं में जब उन्होंने झांका तो उन्हें किसी जंगली जानवर के अवशेष पड़े दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने बिना देरी किए वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन अधिकारी डी.सी. वासनिक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुएं से शव के हिस्से बाहर निकाले जाने पर पुष्टि हुई पता चला कि वह एक वयस्क नर भालू का शव था।
जांच से मिले कई अहम संकेत
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, भालू के शव के कई हिस्से अलग-अलग मिले थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके आगे के पंजों के नाखून गायब थे। अधिकारियों का मानना है कि हो सकता है कि आरोपियों ने पहचान और साक्ष्य छिपाने के मकसद से शव को इस तरह टुकड़ों में बांटकर कुएं में फेंका हो। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
आरोपियों की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। डॉग स्क्वॉड और वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पशु चिकित्सकों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में भालू की मौत 24 से 48 घंटे पहले होने की संभावना जताई गई है। पोस्टमार्टम की का काम पूरा होने के बाद वन विभाग ने नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कराया।
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही मामले की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।