अमेरिका ने अपनी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को देशभर में भव्य समारोह आयोजित किए। सभी 50 राज्यों में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सैन्य प्रदर्शन, म्यूजिक कॉन्सर्ट और देशभक्ति से जुड़े विशेष आयोजन हुए। राजधानी वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और फिलाडेल्फिया इस ऐतिहासिक उत्सव के प्रमुख केंद्र रहे।
ट्रंप का साम्यवाद पर तीखा हमला
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने साम्यवाद (कम्युनिज्म) पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि साम्यवाद हर जगह असफल साबित हुआ है और यह अमेरिकी लोकतांत्रिक व्यवस्था के बिल्कुल विपरीत है। ट्रंप ने कहा कि साम्यवाद एक “कैंसर” की तरह है, जिसे शुरुआत में ही खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका कभी अपनी आजादी किसी के हाथ में नहीं जाने देगा और देश में साम्यवाद के लिए कोई स्थान नहीं है।
‘सेव अमेरिका एक्ट’ का किया जिक्र
‘सैल्यूट टू अमेरिका’ कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पारित कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हर मतदाता के लिए नागरिकता का प्रमाण जरूरी किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि डाक मतपत्र (मेल-इन बैलेट) केवल बीमारी, दिव्यांगता, सैन्य तैनाती या यात्रा जैसी विशेष परिस्थितियों में ही स्वीकार किए जाएं। ट्रंप का दावा था कि इससे चुनावी अनियमितताओं पर रोक लगेगी। हालांकि, अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास फिलहाल इस विधेयक को पारित कराने या फिलीबस्टर नियम समाप्त करने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं है।
क्या होता है साम्यवाद?
साम्यवाद एक ऐसी सोच है, जिसका मकसद समाज में अमीर और गरीब के बीच का फर्क खत्म करना है। इसमें माना जाता है कि जमीन, फैक्ट्री, पैसा और दूसरे बड़े संसाधनों पर किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का समान अधिकार होना चाहिए।
साम्यवाद के अनुसार समाज में दो वर्ग होते हैं अमीर, जो मजदूरों से काम कराकर ज्यादा फायदा कमाते हैं और मजदूर, जिन्हें उनके काम का पूरा लाभ नहीं मिलता। इस विचारधारा का मानना है कि मजदूरों को मिलकर सत्ता हासिल करनी चाहिए। इसके बाद ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जहां सभी लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से संसाधन और सुविधाएं मिलें, ताकि असमानता कम हो और शोषण खत्म हो सके।
‘अमेरिका पहले से अधिक मजबूत’
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पिछले 250 वर्षों से अमेरिका पूरी दुनिया के लिए उम्मीद, विश्वास, आजादी और गर्व का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि ईश्वर की कृपा से अमेरिका आने वाले समय में भी वैश्विक नेतृत्व की अपनी भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई 1776 से लेकर 4 जुलाई 2026 तक अमेरिका ने बार-बार साबित किया है कि वह अत्याचार पर विजय हासिल कर सकता है और स्वतंत्रता की रक्षा करना जानता है। ट्रंप ने दावा किया कि आज का अमेरिका पहले से कहीं अधिक मजबूत, सुरक्षित, समृद्ध और आत्मविश्वास से भरा हुआ है।