हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं लगातार बारिश और भूस्खलन ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे के दौरान शिमला, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और चंबा में हुए अलग-अलग हादसों में दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। राज्यभर में 49 सड़कें बंद हैं और 42 ट्रांसफार्मर ठप होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
लाहौल-स्पीति में HRTC परिचालक की मौत
लाहौल-स्पीति जिले में HRTC केलांग डिपो के परिचालक ज्ञान सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। वह उदयपुर लौटते समय बावड़ी के पास ब्रश कर रहे थे, तभी पहाड़ी से गिरा पत्थर उनके सिर पर आ लगा। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिमला और कांगड़ा में करंट लगने से दो की मौत
शिमला के रामपुर उपमंडल के निरसू गांव में 60 वर्षीय महिला की करंट लगने से मौत हो गई। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि बारिश के कारण बिजली की लाइन से जुड़े लोहे के तार में करंट आ गया था। वहीं, कांगड़ा जिले के देहरा क्षेत्र में एक प्लंबर की टुल्लू पंप लगाते समय करंट लगने से मौत हो गई।
चंबा में महिला की खाई में गिरकर मौत
चंबा जिले के अगाहर गांव में एक महिला का पैर फिसल गया, जिससे वह गहरी खाई में गिर गई और उसकी मौत हो गई।
बारिश से यातायात प्रभावित
चंबा के भरमौर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण सियूंर नाले में बाढ़ आ गई, जिससे ग्रीमा जाने वाली सड़क का करीब 60 फीट हिस्सा बह गया। इसके चलते होली-सियूंर-ग्रीमा मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। इसके अलावा चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग भी भूस्खलन के कारण करीब चार घंटे तक बंद रहा। बिलासपुर में मूसलधार बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने कांगड़ा और मंडी जिलों में कुछेक स्थानों पर ऑरेंज अलर्ज जारी किया है। साथ ही, कुल्लू, शिमला, सिरमौर और ऊना जिलों के लिए यलो अलर्ट दिया गया है।
मानसून में अब तक 9 लोगों की मौत
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, मानसून शुरू होने के बाद अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें गिरने, डूबने, करंट लगने और अन्य कारणों से हुई मौतें शामिल हैं। साथ ही 7 कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है।
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