Shri Amarnath Yatra 2026: बाबा श्री अमरनाथ जी की पवित्र यात्रा आज 3 जुलाई से विधिवत शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था भी बाबा श्री बर्फानी जी के दर्शन के लिए रवाना हुआ है। पूरे बेस कैंप में ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ यात्रा पर निकले हैं। दूसरे जत्थे में शामिल श्रद्धालु अगले दिन पवित्र गुफा में बाबा श्री बर्फानी जी के दर्शन करेंगे।
पहले जत्थे को LG ने दिखाई थी हरी झंडी
इससे पहले गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर बेस कैंप से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। रवानगी से पहले बेस कैंप में विधिवत पूजा-अर्चना की गई और उपराज्यपाल ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं हैं। पहले जत्थे में 4,822 तीर्थयात्री शामिल थे, जिन्हें 259 वाहनों के सुरक्षा घेरे में बालटाल और पहलगाम मार्ग की ओर भेजा गया।
57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा
इस वर्ष श्री अमरनाथ जी की यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। 28 अगस्त तक श्रद्धालु समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। अनुमान है कि इस बार चार लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा में शामिल होंगे।
दो मार्गों से होती है यात्रा
बाबा श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पास दो रास्ते हैं। पहला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग है, जबकि दूसरा गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है। दोनों रास्तों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा के हाईटेक इंतजाम
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार प्रशासन ने खास व्यवस्था की है। पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। बेस कैंप, ट्रांजिट कैंप, यात्री निवास और जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे पर हाईटेक सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। सुरक्षा बल हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में फेसियल रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर कंट्रोल रूम को सूचना भेजी जा सकेगी।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर खास ध्यान
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के रहने, खाने-पीने और दूसरी जरुरी सुविधाओं की खास व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। हर दो किलोमीटर पर ऑक्सीजन बूथ बनाए गए हैं ताकि ऊंचाई वाले क्षेत्र में किसी श्रद्धालु को परेशानी होने पर तुरंत सहायता मिल सके। वहीं दोमेल मार्ग पर चार स्थानों पर डिजिटल स्क्रीन के जरिए मौसम की ताजा जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मौसम को लेकर प्रशासन सावधान
कश्मीर में मौसम लगातार बदल रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद अधिक समय तक गुफा क्षेत्र में न रुकने और तुरंत नीचे लौटने की सलाह दी है। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि यात्रा सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सके।
आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा श्री बर्फानी जी
‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोषों के बीच शुरू हुई यह यात्रा देश के सबसे अहम धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। श्रीनगर से करीब 135 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और लगभग 13,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र श्री अमरनाथ जी की गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था, जिसके कारण यह स्थान सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है।
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