उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दौरान नकल और बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कुल 15 ऐसे लोगों को पकड़ा गया है जो असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और तकनीकी निगरानी की मदद से इनकी पहचान की गई। पकड़े गए सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। पहली पाली में 7 और दूसरी पाली में 8 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। जांच के दौरान यह सामने आया है कि ये लोग दूसरे उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों ने समय रहते इनकी पहचान कर परीक्षा प्रक्रिया से बाहर कर दिया।
955 परीक्षा केंद्रों पर रही कड़ी निगरानी
इस साल UPTET परीक्षा प्रदेश के कुल 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए आयोग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। आयोग के मुख्यालय में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी की गई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे परीक्षा संचालन पर लगातार नजर बनाए रखी। परीक्षा केंद्रों पर लगे एआई कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की गई जिससे फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ने में सफलता मिली।
84.76 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
आयोग के मुताबिक, दोनों पालियों को मिलाकर कुल 8,07,636 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6,84,614 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 84.76 प्रतिशत है। महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84.69 प्रतिशत, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84.86 प्रतिशत दर्ज की गई।
आयोग ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलमुक्त माहौल में पूरी हुई। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई जिससे परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी बड़ी बाधा के पूरी कराई गई। वहीं, फर्जी परीक्षार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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