अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब और तेज हो गई है। शुक्रवार सुबह विशेष जांच दल (SIT) की टीम गेस्ट हाउस से सीधे राम जन्मभूमि परिसर(Ram Janmabhoomi) पहुंची जहां इस मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। जांच एजेंसी का फोकस वित्तीय लेनदेन, रिकॉर्ड और दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
जांच के तहत बैंक से जुड़े कुछ कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों ने उनसे बंद कमरे में खुलकर पूछताछ की जिसमें खातों के संचालन, लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धनराशि के प्रबंधन में कहीं कोई गड़बड़ी या चूक तो नहीं हुई।
ट्रस्ट पदाधिकारियों से भी हुई लंबी पूछताछ
इससे पहले गुरुवार को SIT की टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य पदाधिकारियों से कई घंटों तक पूछताछ की थी। इस दौरान चढ़ावे के प्रबंधन, ऑडिट प्रक्रिया और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल सके जिसके चलते जांच का दायरा आगे और बढ़ाया जा सकता है।
खंगाला जा रहा पांच वर्षों का ऑडिट रिकॉर्ड
बताया जा रहा है कि एसआईटी अब ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के ऑडिट रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की गहन समीक्षा कर रही है। जांच टीम ने ट्रस्ट से विस्तृत लेखा-जोखा मांगा है हालांकि कुछ जरूरी रिकॉर्ड अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि सभी दस्तावेज मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वित्तीय प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। जांच एजेंसियों का उद्देश्य पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पड़ताल करना है ताकि तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जा सकें।