उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुस्तफा कादरी मस्जिद को लेकर प्रशासन की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। राजस्व न्यायालय के आदेश के बाद शुरू हुए अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार मस्जिद सरकारी रिकॉर्ड में कब्रिस्तान के लिए दर्ज भूमि पर बनाई गई थी।
कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई कार्रवाई
प्रशासन के मुताबिक, संभल की गाटा संख्या 409 में लगभग 120 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी मुस्तफा कादरी मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शनिवार से शुरू हुई थी। ध्वस्तीकरण के लिए दो बुलडोजर और एक हाइड्रा मशीन लगाई गई हैं। मौके पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह, नायब तहसीलदार दीपक जुरैल और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
जनवरी में हुआ था खुलासा
अधिकारियों के अनुसार जनवरी 2026 में राजस्व विभाग द्वारा कराई गई पैमाइश के दौरान पता चला कि संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। इसके बाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया। प्रशासन का कहना है कि सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन वैध स्वामित्व या निर्माण से संबंधित पर्याप्त प्रमाण पेश नहीं किए जा सके। इसके बाद न्यायालय ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस मामले की संवेदनशीलता देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
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