NIA Raid: NIA ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ गुरुवार को देशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार राज्यों के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। एजेंसी की यह कार्रवाई पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और उसके भारतीय सहयोगियों के नेटवर्क को निशाना बनाकर की गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मॉड्यूल ड्रोन के जरिए भारत में हथियार, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) पहुंचाने की साजिश में शामिल था।
UP से महाराष्ट्र तक चला तलाशी अभियान
NIA ने उत्तर प्रदेश में पांच, राजस्थान और बिहार में दो-दो तथा महाराष्ट्र में तीन स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, जबकि बड़ी मात्रा में दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। एजेंसी अब इन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फोरेंसिक जांच कर रही है।
ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की साजिश
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान स्थित नेटवर्क भारत-पाकिस्तान सीमा के रास्ते ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक सामग्री भेजने की कोशिश कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, इन हथियारों और IED का इस्तेमाल पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े आतंकी हमलों के लिए किया जाना था। एजेंसियों का मानना है कि अगर यह साजिश सफल हो जाती तो भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था।
कई महीनों से चल रही थी निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद NIA ने इस पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इसके बाद एजेंसी ने आतंकी नेटवर्क, ड्रोन सप्लाई चेन और IED मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। कई महीनों तक जुटाए गए तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
डिजिटल सबूतों से मिल सकते हैं बड़े सुराग
अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान बरामद मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेजों से कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार देश के किन-किन हिस्सों तक फैले हुए हैं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एजेंसी ने ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
देश विरोधी गतिविधियों पर जारी रहेगा एक्शन
NIA अधिकारियों ने साफ किया है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। एजेंसी का फोकस अब इस पूरे मॉड्यूल के फंडिंग नेटवर्क, स्थानीय संपर्कों और सीमा पार से मिलने वाले समर्थन की जांच पर है।
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