प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और संसाधनों के सीमित इस्तेमाल की अपील के बाद पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की कि अब हर बुधवार राजभवन और प्रशासनिक कार्यालयों के कर्मचारी साइकिल से या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दफ्तर पहुंचेंगे। गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि बुधवार को सरकारी फोर-व्हीलर वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसकी शुरुआत राजभवन से की जा रही है, जिसे आगे स्कूलों और आम जनता तक ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि “हम पेट्रोल और डीजल के कम इस्तेमाल की शुरुआत अपने कार्यालय से करेंगे। कर्मचारी साइकिल से या परिवार के किसी सदस्य के साथ आएंगे। बुधवार को सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं होगा।”
‘चंडीगढ़ साइकिल चलाने के लिए सबसे उपयुक्त शहर’
राज्यपाल ने कहा कि चंडीगढ़ का भूगोल और सड़क व्यवस्था साइकिल चलाने के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ का पर्यावरण बचाना बहुत जरूरी है। यहां सड़कें बिल्कुल समतल हैं, इसलिए बुजुर्गों को छोड़कर बाकी लोग आराम से साइकिल चला सकते हैं। पहले हम इसे अपने कार्यालय में लागू करेंगे, फिर स्कूलों और बाद में जनता को भी इससे जोड़ेंगे।”
NEET पेपर लीक पर जताई चिंता
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने NEET पेपर लीक मामले पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि लगभग हर राज्य में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ रही हैं। लाखों बच्चों को मानसिक पीड़ा और नुकसान झेलना पड़ता है। इसकी कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती। गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि अब परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की जरूरत है और ऑनलाइन परीक्षा जैसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक जैसे अपराधों पर बेहद सख्त कानून बनाए जाएं। साथ ही “जरूरत पड़े तो कानून में संशोधन कर पेपर लीक करने वालों के लिए आजीवन कारावास जैसी सजा तय करनी चाहिए, ताकि लोगों में डर पैदा हो और इस तरह की घटनाएं रुक सकें।
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