भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भी भारी बिकवाली देखने को मिली। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में कमजोरी के पीछे वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और निवेशकों के बीच बढ़ती चिंता को प्रमुख वजह माना जा रहा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
मंगलवार सुबह कारोबार शुरू होते ही बाजार दबाव में दिखाई दिया। BSE सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,015 अंक के मुकाबले गिरावट के साथ 75,688 पर खुला। शुरुआती कुछ ही मिनटों में बिकवाली तेज हो गई और सेंसेक्स 723 अंक से ज्यादा टूटकर 75,291 तक पहुंच गया। वहीं NSE निफ्टी भी 23,815 के पिछले बंद स्तर से नीचे 23,722 पर खुला और बाद में गिरकर 23,633 अंक तक फिसल गया।
मिडिल ईस्ट तनाव से निवेशकों में चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बनी अनिश्चितता का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे महंगाई और आयात खर्च बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर भारतीय बाजार की निवेशक धारणा पर भी पड़ा है।
PM मोदी की अपील के बाद बढ़ी चर्चा
बाजार में गिरावट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। PM मोदी ने हाल ही में लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की थी उन्होंने कहा था कि वैश्विक हालात और क्षेत्रीय तनाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है, इसलिए लोगों को संसाधनों के उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण एक साथ काम कर रहे हैं।
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