Chandauli Killer Shot Dead: उत्तर प्रदेश के चंदौली में पिछले 26 घंटों से लोगों के लिए दहशत बना हुआ साइको किलर आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। ट्रेन और अस्पताल में ताबड़तोड़ हत्याएं करने वाले पूर्व फौजी गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की थी। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
अमृतसर का रहने वाला था आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी गुरप्रीत सिंह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था। वह सेना में काम करता था, लेकिन साल 2021 में डिस्चार्ज हो गया था। इसके बाद वह बिहार के आरा में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि शराब की लत के कारण उसकी नौकरी चली गई थी, जिसके बाद वह मानसिक तनाव और गहरे गुस्से में रहने लगा था।
10-11 किलोमीटर के दायरे में तीन हत्याएं
पुलिस जांच में सामने आया कि 10 और 11 मई के बीच आरोपी ने चंदौली में करीब 10 से 11 किलोमीटर के दायरे में तीन अलग-अलग लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इन वारदातों ने पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया था।
बेरहमी से मारता था आरोपी
पहली वारदात रविवार सुबह ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में हुई। आरोपी ने एक यात्री की कनपटी पर बंदूक सटाकर गोली मार दी। अचानक हुई इस घटना से ट्रेन में अफरातफरी मच गई और यात्री दहशत में आ गए।
कहां हुई दूसरी वारदात?
पहली हत्या के कुछ समय बाद आरोपी ने जम्मूतवी-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन में दूसरे यात्री को निशाना बनाया। उसने उसी तरीके से दूसरे व्यक्ति की भी गोली मारकर हत्या कर दी। लगातार दो हत्याओं के बाद पुलिस और जीआरपी अलर्ट मोड में आ गई थी।
अस्पताल में महिला की हत्या से मचा हड़कंप
सोमवार सुबह आरोपी अलीनगर स्थित जीवक अस्पताल पहुंचा। यहां भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी के सिर में गोली मारकर उसने तीसरी हत्या को अंजाम दिया। अस्पताल परिसर में गोली चलने से भगदड़ मच गई । हालांकि अस्पताल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में कबूले तीनों कत्ल
पुलिस हिरासत में आरोपी ने तीनों हत्याओं की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में उसने बताया कि वह गुस्से और मानसिक तनाव में था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने माना कि उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी और वह रैंडम तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था।
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान भागने की कोशिश
सोमवार देर रात जिला पुलिस और जीआरपी की टीम आरोपी को कुचमन स्टेशन के पास दरियापुर इलाके में क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने मौका देखकर एक दरोगा की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी फायरिंग में हुई मौत
आरोपी की गोलीबारी में जफरपुर चौकी इंचार्ज सतीश सिंह और जीआरपी सिपाही मनोज यादव घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में गुरप्रीत सिंह को दो गोलियां लगीं। घायल हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसपी ने बताई पूरी कहानी
आकाश पटेल ने बताया कि 10 और 11 मई के बीच अलीनगर थाना क्षेत्र में तीन अलग-अलग हत्याएं हुई थीं। अस्पताल में महिला की हत्या के बाद लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया था। पूछताछ में उसने सेना से डिस्चार्ज होने, नौकरी छूटने और मानसिक तनाव की बात स्वीकार की थी। एसपी के अनुसार, क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी फायरिंग करनी पड़ी।
#SP_Cdi @Akash__IPS निर्देशन में एसओजी टीम, अलीनगर, सकलडीहा एवं जीआरपी पुलिस टीम द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर 03 जघन्य हत्याओं को अंजाम देने वाला अभियुक्त मुठभेड़ में हुआ ढे़र।https://t.co/8CC3VRqxJx#UPPolice pic.twitter.com/5YqVMNA93K
— Chandauli Police (@chandaulipolice) May 11, 2026
इलाके में फैली थी दहशत
लगातार तीन हत्याओं के बाद चंदौली और आसपास के इलाकों में भय का माहौल बन गया था। ट्रेन यात्रियों से लेकर अस्पताल कर्मचारियों तक में दहशत थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी की मौत के साथ ही अब पूरे मामले की आगे की जांच की जा रही है।
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