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‘दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी बर्दाश्त नहीं…’, सूर्या हत्याकांड पर CM योगी ने कड़े शब्दों में दी सख्त चेतावनी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) ने बिजनौर के अफजलगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने हाल ही में सामने आए सूर्या चौहान हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में भाईचारे और दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी अस्वीकार्य है। CM योगी ने सख्त लहजे में कहा कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेगा।

अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कानून और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता होती है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कोई व्यक्ति अपने परिवार या आसपास के लोगों को गलत रास्ते पर जाने से रोकने में असफल रहता है तो यह भी सामाजिक दृष्टि से एक बड़ी चूक मानी जाती है और इसका परिणाम गंभीर हो सकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता उन नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान है जो कानून का पालन करते हैं और समाज में शांति बनाए रखते हैं।

कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले पर होगी सख्त कार्रवाई 

CM योगी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि राज्य सरकार किसी भी तरह की अराजकता या हिंसक प्रवृत्ति को सहन नहीं करेगी। उन्होंने दोहराया कि जो भी व्यक्ति कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य एक सुरक्षित और स्थिर वातावरण बनाना है, जहां हर नागरिक बिना भय के अपना जीवन व्यतीत कर सके।

पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों को उनकी जमीनों पर दिलाया हक

इसी कार्यक्रम के दौरान CM योगी ने पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों, पूर्व सैनिकों और पट्टेदारों को भूमि स्वामित्व अधिकार प्रमाण पत्र भी वितरित किए। उन्होंने बताया कि लंबे समय से जिन परिवारों की पुश्तैनी जमीनों पर कब्जा या अधिकार संबंधी समस्याएं बनी हुई थीं उन्हें अब कानूनी रूप से उनका हक दिलाया जा रहा है। सरकार ने इस पहल के माध्यम से हजारों लोगों को राहत प्रदान की है। CM योगी ने कहा कि कुल 1645 परिवारों को भूमि स्वामित्व के प्रमाण पत्र दिए गए हैं जिससे लगभग आठ से दस हजार लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि कई दशकों से जिन परिवारों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था उन्हें अब न्याय मिला है। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार का उदाहरण है बल्कि सरकार की उस नीति को भी दर्शाती है जिसमें वंचित और विस्थापित लोगों को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार समय पर मिले और किसी को भी अपने हक के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। इस तरह की योजनाओं से लोगों में विश्वास बढ़ता है और शासन के प्रति पारदर्शिता भी मजबूत होती है।

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