China Corruption: चीन एक ऐसा देश है जो किसी भी कीमत पर सजा माफ करना ही नहीं चाहता। अब चीन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा सुनाई है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे और ली शांगफू को सैन्य अदालत ने भ्रष्टाचार का दोषी पाया है। हालांकि दोनों को तुरंत फांसी नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें दो साल की मोहलत के साथ ‘सस्पेंडेड डेथ सेंटेंस’ दी गई है।
क्या है सस्पेंडेड डेथ सेंटेंस?
चीन की न्याय व्यवस्था में ‘सस्पेंडेड डेथ सेंटेंस’ का मतलब होता है कि दोषी को मौत की सजा तो सुनाई जाती है, लेकिन उसे तुरंत लागू नहीं किया जाता। अगर दो साल के भीतर दोषी कोई और गंभीर अपराध नहीं करता, तो सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। अदालत ने साफ किया है कि दोनों नेताओं को भविष्य में पैरोल या सजा में राहत नहीं मिलेगा।
दोनों नेताओं पर क्या आरोप लगे?
अगस्त 2023 में ली शांगफू और सितंबर 2023 में वेई फेंगहे के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू हुई थी। जांच के दौरान सामने आया कि वेई फेंगहे रिश्वत लेने के दोषी पाए गए, जबकि ली शांगफू पर रिश्वत लेने और देने दोनों के आरोप साबित हुए। हालांकि अदालत ने यह नहीं बताया कि रिश्वत की रकम कितनी थी।
राजनीतिक अधिकार हुए खत्म
सैन्य अदालत ने दोनों पूर्व मंत्रियों की पूरी निजी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है। साथ ही उनके राजनीतिक अधिकार जीवनभर के लिए समाप्त कर दिए गए हैं। अदालत के फैसले के बाद चीन में यह मामला सत्ता और सेना के भीतर बढ़ते भ्रष्टाचार पर बड़ा संकेत माना जा रहा है।
शी जिनपिंग की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम
यह कार्रवाई शी जिनपिंग की 2012 से चल रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। इस अभियान के तहत चीन की सेना और कम्युनिस्ट पार्टी के कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के सालों में जितने बड़े सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उतनी कार्रवाई 20वीं सदी के युद्धकाल में भी नहीं हुई थी।
वेई फेंगहे पर लगे गंभीर आरोप
वेई फेंगहे 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री रहे थे। आधिकारिक बयान में उन पर पार्टी के भरोसे को तोड़ने और सेना के राजनीतिक माहौल को गन्दा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने उनके कामों को सेना की छवि के लिए नुकसानदायक बताया।
सबसे कम समय तक रक्षा मंत्री रहे ली शांगफू
ली शांगफू मार्च 2023 से अक्टूबर 2023 तक ही रक्षा मंत्री पद पर रहे और चीन के सबसे कम कार्यकाल वाले रक्षा मंत्री बन गए। उन पर सैन्य उपकरणों और रक्षा खरीद से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार फैलाने के आरोप लगे थे। जांच में उनके खिलाफ रिश्वत लेनदेन के सबूत मिलने का दावा किया गया।
कम्युनिस्ट पार्टी से भी निकाले गए
जून 2024 में दोनों नेताओं को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से निकाल दिया गया था। इसके साथ ही उनके सभी सैन्य पद और रैंक भी वापस ले लिए गए थे। इसके बाद कानूनी कार्रवाई तेज हुई और अब अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सख्त सजा सुनाई है।
चीन में रक्षा मंत्री की भूमिका अलग
चीन में रक्षा मंत्री का पद अन्य देशों की तुलना में अलग माना जाता है। वहां रक्षा मंत्री मुख्य रूप से सैन्य कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भूमिका निभाता है, जबकि सेना की वास्तविक कमान सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पास होती है। इस आयोग की अगुवाई खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग करते हैं।
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