विशेष दौरे पर भारत पहुंचे साउथ कोरिया के राष्ट्रपति(South Korean President) ली जे-म्युंग ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस विशेष मौके पर उनका राष्ट्रपति भवन पर बेहद सुंदर तरीके से भव्य स्वागत हुआ। इसके लिए राष्ट्रपति भवन के अग्रभाग में एक औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया था।
इस सुंदर मुलाकात ने भारत और साउथ कोरिया के मजबूत रिश्ते को इंगित किया और इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के नए मुकाम को हासिल करने की उम्मीद को उजागर किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पोस्ट शेयर कर क्या कहा ?
इस मौके पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि, “भारत और दक्षिण कोरिया की विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए!” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ली जे म्युंग का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया।
दक्षिण कोरिया कब बना था भारत का साझेदार ?
इतिहास पर गौर किया जाए तो भारत और दक्षिण कोरिया के बीच विशेष सामरिक साझेदारी साल 2010 से शुरु हुई थी। दोनों देशों के बीच ये साझेदारी आज मजबूत होती हुई नजर आ रही है, जिसके तहत रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, अर्धचालक, बैटरी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में ये दोनों ही देश आपसी सहयोग बढ़ाने के प्रयासरत हैं।
जानकारी के मुताबिक दक्षिण कोरिया भारत जैसे देश का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार देश है। आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30 बिलियन डॉलर से भी अधिक है। मिडिल ईस्ट के चल रहे संकट के बीच राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने भारत दौरा किया है, जिसमें दोनों देश आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की ओर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
दोनों देशों के नेताओं की उच्च-स्तरीय वार्ता की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की इस विशेष मुलाकात के बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच भी उच्च-स्तरीय वार्ता होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस वार्ता के जरिए व्यापार, रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।