दिल्ली में मतदाता सूची में सुधार करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान मंगलवार से शुरू हो गया है। चार महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत करीब 13 हजार बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर 1,45,10,298 मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के अनुसार, यह प्रक्रिया सामान्य पुनरीक्षण से अलग होगी। इसमें हम सुनिश्चित करेंगे कि मतदाता सूची में सिर्फ पात्र मतदाताओं के नाम रहें और फर्जी, दोहरे या अपात्र नामों को हटाया जा सके।
घर-घर पहुंचेंगे BLO
बीएलओ हर मतदाता को गणना प्रपत्र की दो कॉपियां देंगे। जिसमें मतदाताओं को इनमें अपना नाम,पता,विधानसभा क्षेत्र,मतदान केंद्र,ईपीआईसी (EPIC) नंबर और वर्ष 2002 की SIR लिस्ट से जुड़े विवरण भरकर एक कॉपी BLO को वापस देनी होगी, जबकि दूसरी कॉपी अपने पास रखनी होगी।अगर किसी पते पर मतदाता नहीं मिलता या वह स्थान बदल चुका है, तो उसका रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा।
2002 की वोटर लिस्ट के आधार पर होगा सत्यापन
दिल्ली के मौजूदा मतदाताओं को वर्ष 2002 में हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मतदाता सूची के आधार पर अपनी जानकारी देनी होगी। मतदाता मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली की वेबसाइट पर जाकर 2002 की मतदाता सूची में अपना नाम, विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर देख सकते हैं। अगर उस समय व्यक्ति मतदाता नहीं था, तो वह अपने माता-पिता या अभिभावक का विवरण प्रपत्र में दे सकेगा।
दूसरे राज्यों से आए मतदाताओं का भी होगा मिलान
जो लोग वर्ष 2002 के बाद दूसरे राज्यों से दिल्ली आए हैं, उनके नामों का मिलान उनके पुराने राज्य की मतदाता सूची से किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करना है कि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक राज्यों की वोटर लिस्ट में दर्ज न हो। ऐसे मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर अपने पुराने राज्य की मतदाता सूची से संबंधित जानकारी जुटाकर बीएलओ को उपलब्ध करानी होगी।
ऑनलाइन भी भर सकेंगे फॉर्म
निर्वाचन विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए गणना प्रपत्र ऑनलाइन भरने की भी व्यवस्था की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गणना प्रपत्र के साथ किसी दस्तावेज को जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
SIR की महत्वपूर्ण तारीखें
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30 जून से 29 जुलाई: घर-घर सत्यापन अभियान
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5 अगस्त – ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित
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5 अगस्त से 4 सितंबर – दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया जाएगा
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3 अक्टूबर – दावों और आपत्तियों का हल
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7 अक्टूबर – अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
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