जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने बुधवार को घाटी के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पहले से दर्ज एक मामले की जांच के तहत की गई, जिसमें संदिग्धों के आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई गई है।
छह जिलों में आठ ठिकानों पर तलाशी
अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, अनंतनाग, कुलगाम और सोपोर समेत छह जिलों में कुल आठ स्थानों पर तलाशी ली गई। श्रीनगर और बांदीपोरा में दो-दो जगहों पर छापेमारी की गई, जबकि अन्य जिलों में भी संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े ठिकानों को खंगाला गया। कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल सामग्री की जांच की गई।
आतंकियों से संपर्क के मिले संकेत
जांच एजेंसियों को शुरुआती पड़ताल में ऐसे संकेत मिले हैं कि कुछ संदिग्ध पाकिस्तान स्थित आतंकी संचालकों के संपर्क में थे। बताया जा रहा है कि वे एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए संवाद कर रहे थे। पुलिस को शक है कि इन लोगों का संबंध कट्टरपंथी प्रचार, उग्रवादी विचारधारा फैलाने और आतंकवाद को समर्थन देने वाली गतिविधियों से हो सकता है।
राजौरी में जारी है ‘ऑपरेशन शेरावाली’
इसी बीच राजौरी जिले में सुरक्षाबलों का ‘ऑपरेशन शेरावाली’ लगातार जारी है। अभियान बुधवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गया। गंभीर मुगलन-दोरिमल बेल्ट समेत कई संवेदनशील इलाकों में सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने घेरा बना रखा है। जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट बनाए रखा गया है।
उरी में पकड़ा गया था घुसपैठिया
हाल ही में बारामूला के उरी सेक्टर में भी सुरक्षाबलों ने एक घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया था। नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए एक पाकिस्तानी नागरिक को सैनिकों ने गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके नेटवर्क और संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
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