संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) पर चर्चा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए एक संदेश साझा किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि भारत महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए तैयार है।
नारी सम्मान को बताया राष्ट्र की शक्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि देश की माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस दिशा में मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ रही है और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो… pic.twitter.com/8KWT1WLSje
— Narendra Modi (@narendramodi) April 16, 2026
संस्कृत श्लोक के जरिए दिया संदेश
PM मोदी ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक संस्कृत श्लोक के माध्यम से नारी की महत्ता को बताया गया। श्लोक का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि नारी अपने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर कर पूरे विश्व को प्रकाशित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो लोग समृद्धि और सद्गुणों की कामना करते हैं, वे सदैव नारी का सम्मान करते हैं। उन्होंने महिलाओं को समाज की ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बताते हुए उनके योगदान को सराहा।
महिला आरक्षण बिल पर देश की नजरें
गौरतलब है कि संसद के इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा होने जा रही है, जिसे लेकर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। यह विधेयक महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को भी मजबूत कर सकती है।
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