बिहार के भागलपुर में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। करीब 4.7 किलोमीटर लंबे इस पुल का लगभग 34 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि समय रहते प्रशासन ने पुल पर यातायात रोक दिया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रशासन की सतर्कता से टली बड़ी दुर्घटना
जानकारी के अनुसार, देर रात पुल के एक हिस्से में दरार और जॉइंट धंसने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत ट्रैफिक बंद करवा दिया। कुछ ही देर बाद पुल का स्लैब नदी में गिर गया। उस समय पुल पर वाहनों की कतार लगी हुई थी, लेकिन समय पर की गई कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित
इस घटना का असर व्यापक स्तर पर पड़ा है। विक्रमशिला सेतु के बंद होने से सीमांचल सहित करीब 16 जिलों की सड़क संपर्क व्यवस्था प्रभावित हो गई है। रोजाना इस पुल से गुजरने वाले लगभग एक लाख लोगों को अब भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री अब नाव के सहारे नदी पार कर रहे हैं, जिससे उनकी यात्रा और कठिन हो गई है।
मरम्मत के बावजूद सवालों के घेरे में पुल
बताया जा रहा है कि पिछले 10 वर्षों में इस पुल की कई बार मरम्मत की जा चुकी है और हाल ही में मार्च 2026 में भी इसकी रिपेयरिंग हुई थी। इसके बावजूद इस तरह की घटना ने निर्माण और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद संबंधित कार्यकारी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।
जांच और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू
घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और एक हाई लेवल कमेटी द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नए स्लैब को तैयार कर लगाने में करीब 15 दिन का समय लग सकता है। साथ ही मरम्मत कार्य में सेना की मदद लेने की भी कोशिश की जा रही है।
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