NEET 2026 Re-exam: 21 जून को होने वाले NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) शनिवार को देशभर में मॉक ड्रिल करेगी। परीक्षा को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ये यह मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक होगी। NTA के अनुसार परीक्षा के संचालन के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।
22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल
NTA ने बताया है कि री-एग्जाम में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों को हाई-सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है। अब तक 18.5 लाख से अधिक उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं, जबकि करीब 3.5 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा शहर या केंद्र बदलने का विकल्प चुना है।
सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर तैनाती
परीक्षा संचालन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2 लाख से अधिक अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2 से 2.5 लाख पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जबकि 15,000 अर्धसैनिक बल कर्मियों को प्रश्नपत्र और OMR शीट के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
CCTV और सिग्नल जैमर से होगी निगरानी
NTA के मुताबिक परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त 1.5 लाख CCTV कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही 15,000 सिग्नल जैमर भी तैनात किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोका जा सके। सभी केंद्रों की निगरानी NTA मुख्यालय और केंद्रीय कंट्रोल रूम से रियल टाइम में की जाएगी।
परीक्षा का समय और विशेष व्यवस्था
NEET-UG 2026 री-एग्जाम दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। PwD और PwBD श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा और उन्हें शाम 6:20 बजे तक परीक्षा लिखने की अनुमति होगी। सभी केंद्रों पर सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर भी तैनात रहेंगे।
प्रश्नपत्र की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
NTA ने बताया कि प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस बल और एस्कॉर्ट टीमों को सौंपी गई है। परीक्षा सामग्री सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत रखी जाएगी। प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग की सुविधा होगी और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा।
पेपर लीक आरोपों के बाद हुआ री-एग्जाम का फैसला
3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए थे। जांच के दौरान गड़बड़ी के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
अफवाहों पर भी रखी जा रही नजर
NTA ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी को रोका जा सके। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही पेपर लीक या परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों, संदेशों और चैनलों की जानकारी NTA या साइबर अपराध एजेंसियों को देने के लिए कहा गया है।
मॉक ड्रिल में होगी व्यवस्थाओं की अंतिम जांच
शनिवार को होने वाली मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा, परिवहन, निगरानी और परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा की जाएगी। NTA का कहना है कि इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
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