रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना के नए अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश देते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और सैन्य बलों को नई तकनीकों के अनुरूप खुद को ढालना होगा। तेलंगाना के हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में 217वें कोर्स की संयुक्त स्नातक परेड को संबोधित करते हुए उन्होंने कैडेट्स को “Adapt, Adopt and Amend” का मंत्र दिया।
बदल रहा है युद्ध का स्वरूप – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध सिर्फ सैनिकों और पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं हैं। ड्रोन, सैटेलाइट, सेंसर, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर तकनीकें युद्ध के तरीके को पूरी तरह बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे हालात भी पैदा हो सकते हैं, जहां दुश्मन संचार नेटवर्क, ट्रैफिक सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचों को निशाना बनाए।
असली जिम्मेदारी अब हुई शुरू
प्रशिक्षण पूरा करने वाले कैडेट्स को बधाई देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है, लेकिन वास्तविक जिम्मेदारी अब शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना हमेशा देश की सुरक्षा की ढाल और तलवार दोनों रही है और नए अधिकारियों को इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कैडेट्स से नई तकनीकों को अपनाने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार रखने और जरूरत पड़ने पर अपनी रणनीतियों में बदलाव करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि भविष्य की सफलता सिर्फ कड़ी मेहनत से नहीं, बल्कि स्मार्ट वर्क और नवाचार से भी तय होगी।
नई generation के आप सभी warriors से मैं कहना चाहूँगा, कि आप आने वाले समय के इन war systems और strategies को भी भली-भाँति समझें। आपको इन्हें Adapt करना है, Adopt करना है, ज़रूरत पड़ने पर Amend भी करना है। आपको Innovate करना है, Execute करना है और इन सबमें Edge भी हासिल करनी है।…
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) June 13, 2026
वायुसेना के गौरवशाली इतिहास का किया जिक्र
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए कहा कि 1947-48 के कश्मीर युद्ध में श्रीनगर एयरलिफ्ट और 1971 के युद्ध में ढाका पर किए गए निर्णायक हवाई अभियानों ने इतिहास रचा था। उन्होंने कहा कि आज के कैडेट्स उसी गौरवशाली विरासत का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
राजनाथ सिंह ने हालिया ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना ने इस अभियान में रणनीति और सटीक कार्रवाई का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने में वायुसेना की भूमिका बेहद अहम रही और इसकी सफलता में प्रशिक्षित एवं अनुशासित अधिकारियों का बड़ा योगदान रहा।
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