फाजिल्का जिले के अबोहर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ओबीसी सम्मेलन ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही सम्मेलन स्थल पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की आवाजाही लगातार बनी रही। सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों से लोग रैली में शामिल होने के लिए पहुंचने लगे थे जिससे आयोजन स्थल पर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में उस समय जोश और बढ़ गया जब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी(CM Nayab Saini) सम्मेलन स्थल पहुंचे। उनके आगमन पर उपस्थित लोगों ने तालियों और नारों के साथ स्वागत किया। मंच पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ गया।
भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से अहम आयोजन
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह सम्मेलन भाजपा के लिए केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। पार्टी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के साथ अपने संवाद को और मजबूत बनाने तथा जमीनी स्तर पर संगठन के विस्तार की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
इसी उद्देश्य के तहत आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि विभिन्न वर्गों के बीच सीधे संवाद से पार्टी की पहुंच और जनाधार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कई वरिष्ठ नेताओं ने की शिरकत
सम्मेलन में भाजपा और सहयोगी राज्यों के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रही। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा भी मंच पर मौजूद रहे। उनके अलावा भाजपा पंजाब के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और अबोहर के विधायक संदीप जाखड़ ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
एक मंच पर कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी ने सम्मेलन को राजनीतिक रूप से विशेष महत्व प्रदान किया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया और संगठन को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता
सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे के दौरान लोगों ने बार-बार इस विषय को प्रमुख चिंता के रूप में उनके सामने रखा है।
रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि सड़कें, भवन और अन्य विकास कार्य समय के साथ बेहतर किए जा सकते हैं लेकिन नशे की समस्या समाज और युवाओं के भविष्य पर सीधा प्रभाव डालती है। उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिए प्रभावी और कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।