किसानों को नकली, मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले बीज से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार नया सीड एक्ट(Seed Act) लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून का मसौदा लगभग अंतिम चरण में है। इसमें अमानक बीज की बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किए जाने की तैयारी है। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा भी हो सकती है। सरकार नए कानून को अंतिम रूप देने से पहले किसानों की राय लेना चाहती है। इसी सिलसिले में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
इस चर्चा के जरिए सरकार किसानों के वास्तविक अनुभवों और उनकी समस्याओं को प्रस्तावित कानून में शामिल करने की कोशिश करेगी। बैठक में बीज की गुणवत्ता, नकली बीज को लेकर शिकायतों, फसल खराब होने पर मुआवजे और बीज कारोबार में कंपनियों की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर सुझाव लिए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों के पारंपरिक और देशी बीजों से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
खराब बीज से बढ़ता है किसानों का जोखिम
किसान के लिए बीज सिर्फ खेती की शुरुआत नहीं बल्कि पूरी फसल की नींव होता है। अगर बीज खराब निकल जाए तो उसका असर उत्पादन पर पड़ सकता है और किसान की पूरी मेहनत व कमाई खतरे में पड़ जाती है। खेती में बीज के अलावा खाद, पानी, सिंचाई और मजदूरी पर भी काफी खर्च होता है।
सरकार की कोशिश
ऐसे में सरकार की कोशिश सिर्फ नकली बीज की बिक्री रोकने तक सीमित नहीं है। बीज बनाने वाली कंपनी से लेकर वितरक और दुकानदार तक की जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी माना जा रहा है। बेहतर निगरानी, बीज की ट्रेसिंग और सख्त दंड जैसे प्रावधान लागू होने पर बाजार में गुणवत्ता और जवाबदेही मजबूत हो सकती है।