मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के राजगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक जागरूकता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भोजपुर थाना क्षेत्र के कुशलपुरा गांव में महज 8 साल की बच्ची की शादी 9 साल के एक बालक से कर दी गई।
हैरानी की बात यह है कि यह बाल विवाह पूरी धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डीजे बजा, बारात निकली और नाबालिग दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन लेने पहुंचा। पूरे आयोजन को किसी आम शादी की तरह आयोजित किया गया, जिससे गांव में किसी ने भी शुरुआत में आपत्ति नहीं जताई।
प्रशासन को एक दिन पहले ही लगी भनक
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन को इस शादी की भनक एक दिन पहले ही लग गई थी और जांच के लिए टीम गांव भी पहुंची थी। हालांकि, ग्रामीणों ने चालाकी दिखाते हुए अधिकारियों को गलत जानकारी दी और किसी दूसरे दूल्हे का हवाला देकर उन्हें गुमराह कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि अगले ही दिन बिना किसी रुकावट के यह बाल विवाह करा दिया गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब नाबालिग दूल्हे की घोड़ी पर सवार बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी संतोष चौहान की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने अपनाया सख्त रुख
जांच में बाल विवाह की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में केवल बच्चों के माता-पिता ही नहीं, बल्कि आयोजन से जुड़े अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें टेंट लगाने वाला, घोड़ी का मालिक, हलवाई, पंडित और शादी के कार्ड छापने वाला प्रिंटिंग प्रेस संचालक भी शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। यह घटना एक बार फिर समाज में मौजूद कुप्रथाओं और कानून के प्रति लापरवाही की गंभीर तस्वीर पेश करती है।