उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की मौत के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है।
4 अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद चार जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि संबंधित भवन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था और कई स्तरों पर निगरानी में लापरवाही बरती गई थी।
बिल्डिंग मालिक समेत 3 गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि भवन का संचालन फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी करते हुए किया जा रहा था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि भवन में आवश्यक सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे।
कई धाराओं में दर्ज हुआ केस
अलीगंज थाने में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों को नहीं मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
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