गुजरात सरकार(Gujarat Government) ने पूर्व अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में सीधी भर्ती के दौरान 20 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा लिया गया यह फैसला उन युवाओं के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आया है जिन्होंने अग्निपथ योजना के तहत देश की सेवा की है। सरकार ने केवल आरक्षण तक ही अपने फैसले को सीमित नहीं रखा है बल्कि भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त सुविधाएं भी प्रदान की हैं।
पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट दी जाएगी। वहीं, अग्निपथ योजना के पहले बैच के युवाओं को पांच वर्ष तक की आयु सीमा में रियायत देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, कई पदों पर भर्ती के दौरान होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी पूर्व अग्निवीरों को छूट देने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि सेना में सेवा के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण और अनुभव को ध्यान में रखते हुए यह कदम उचित है।
किन पदों पर मिलेगा लाभ ?
यह सुविधा राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में लागू होगी। इनमें हथियारबंद पुलिस सब-इंस्पेक्टर, हथियारबंद पुलिस कांस्टेबल, एसआरपी प्लाटून कमांडर और पुलिस कांस्टेबल जैसे पद शामिल हैं। इसके साथ ही जेल विभाग में जेलर ग्रुप-2 और जेल सिपाही की भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों को लाभ मिलेगा।
वन एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत वनरक्षक (वर्ग-3) और वनपाल (वर्ग-3) पदों की भर्ती में भी इस आरक्षण और अन्य रियायतों का लाभ दिया जाएगा।
क्या है अग्निपथ योजना ?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत युवाओं को चार वर्ष की अवधि के लिए सेना में सेवा का अवसर दिया जाता है। इस अवधि में भर्ती होने वाले जवानों को ‘अग्निवीर’ कहा जाता है। सेवा पूरी होने के बाद उनके लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य और केंद्र सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं।
गुजरात सरकार का यह फैसला पूर्व अग्निवीरों के अनुभव और कौशल को सम्मान देने के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।