संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए राहत की खबर है। पासपोर्ट(UAE Passport) , वीजा और दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़ी सेवाएं एक बार फिर शुरू हो गई हैं। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के बाद लागू हुआ है। अब ये सेवाएं पूरे यूएई में बनाए गए 16 भारतीय कांसुलर आवेदन केंद्रों (ICAC) के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। हालांकि, किसी भी केंद्र पर जाने से पहले ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य होगा।
30 जून 2026 को पहले से चल रहे सेवा अनुबंध समाप्त हो गए थे। इससे पहले पासपोर्ट और वीजा से जुड़ी सेवाओं की जिम्मेदारी BLS International के पास थी जबकि दस्तावेज सत्यापन का कार्य SGIVS Global Services संभाल रही थी। अनुबंध खत्म होने के बाद विदेश मंत्रालय ने यह जिम्मेदारी अल हिंद टूर्स एंड ट्रैवल्स को सौंप दी। नई व्यवस्था 22 जुलाई से लागू की गई ताकि भारतीय नागरिकों को जरूरी कांसुलर सेवाएं बिना किसी रुकावट के मिलती रहें।
टेंडर विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 21 जुलाई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया लेकिन यह स्पष्ट किया कि नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक पासपोर्ट, वीजा और अन्य कांसुलर सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए।
अदालत ने विदेश मंत्रालय को मौजूदा अंतरिम व्यवस्था जारी रखने की अनुमति दी ताकि यूएई में रहने वाले भारतीय नागरिकों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, रिपोर्टों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को लगभग तीन महीने के भीतर नई टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया है।
आवेदकों के लिए जरूरी जानकारी
यूएई में पासपोर्ट, वीजा या दस्तावेज सत्यापन से जुड़ा कोई भी काम कराने के लिए अब सबसे पहले Consular Seva in UAE पोर्टल पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य है। अपॉइंटमेंट मिलने के बाद निर्धारित तिथि पर संबंधित कांसुलर केंद्र में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचना होगा।
जिन लोगों ने पहले ही अपॉइंटमेंट ले रखी है उन्हें भी अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास और दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों की जांच कर लेनी चाहिए। नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक यही अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।