अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज पर हमला किया गया, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई में ईरान के पुलों और बिजलीघरों को निशाना बनाएगा।
ट्रुथ सोशल पर दी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ‘यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज पर मिसाइल, ड्रोन, रॉकेट या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या बिजलीघर पर बमबारी करेगा।’ उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान और उसके आसपास के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी संभावित निशाने में शामिल हो सकते हैं।
ईरान के कई शहरों पर अमेरिकी हमले
इसी बीच, ईरानी अधिकारियों के अनुसार अमेरिका ने बुधवार तड़के चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह सहित पांच शहरों में एयर और मिसाइल हमले किए। संघर्षविराम टूटने के बाद यह लगातार 11वीं रात थी, जब अमेरिकी सेना ने ईरान में सैन्य कार्रवाई की। उधर, हूती विद्रोहियों की धमकियों के बाद सऊदी अरब से भारत और चीन के लिए कच्चा तेल लेकर आ रहे दो तेल टैंकरों ने रेड सी में अपना मार्ग बदलते हुए स्वेज नहर की दिशा में लौटने का फैसला किया।
पेंटागन ने की सैनिकों के घायल होने की पुष्टि
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने स्वीकार किया है कि 7 जुलाई के बाद ईरानी हमलों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। विभाग के मुताबिक, इनमें से लगभग 96 प्रतिशत सैनिक इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं। वहीं, कतर ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर हालिया हमलों से हुए नुकसान के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है और मुआवजे की मांग की है। दूसरी ओर, ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि जॉर्डन में ईरान का एक हमला सफल रहा था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी।
ईरान का दावा- मिसाइल उत्पादन जारी
ईरानी सेना ने कहा है कि लगातार हो रहे हमलों के बावजूद उसकी मिसाइल और ड्रोन निर्माण क्षमता प्रभावित नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, सेना के प्रवक्ता अबोलफजल शेकारची ने दावा किया कि नई मिसाइलें लगातार सेना को सौंपी जा रही हैं और हथियारों का भंडार भी बढ़ाया जा रहा है।
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