बारामती विधानसभा उपचुनाव में सुनेत्रा पवार(Sunetra Pawar) ने जबरदस्त जीत हासिल करते हुए नया इतिहास रच दिया है। मतगणना के अंतिम चरण तक आते-आते उन्हें 9,212 वोट मिले और कुल मिलाकर उन्होंने 2,18,930 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। यह जीत का अंतर देश में अब तक का सबसे बड़ा बताया जा रहा है। इस जीत के साथ उन्होंने साहिबाबाद सीट का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया जहां 2022 में सुनील कुमार शर्मा ने 2,14,835 वोटों से जीत दर्ज की थी।
इस उपचुनाव में करीब 2,23,000 वोट पड़े, जबकि कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 4,82,000 रही। यानी करीब 58% मतदान हुआ, जो 2024 के विधानसभा चुनाव के 72% के मुकाबले कम रहा।
जीत के बाद क्या बोलीं सुनेत्रा पवार?
इतनी बड़ी जीत के बाद सुनेत्रा पवार ने क्षेत्र की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अजित पवार के अलग होने के बाद यह पहला चुनाव था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इस तरह मैदान में उतरना पड़ेगा। उनके मुताबिक, बारामती के लोगों का यह समर्थन और प्यार अजित दादा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने आगे कहा कि बारामती उनके लिए सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। शरद पवार सहित सभी समर्थकों का साथ उनके लिए बेहद अहम है। सुनेत्रा ने भरोसा जताया कि वह आगे भी क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करती रहेंगी और इस भरोसे को कायम रखेंगी।
पिछले चुनाव से तुलना और नया कीर्तिमान
2024 के विधानसभा चुनाव में बारामती में 72% मतदान हुआ था। उस समय मुकाबला अजित पवार और उनके भतीजे युगेंद्र पवार के बीच था, जिसमें युगेंद्र को करीब 85,000 वोट मिले थे। हालांकि इस बार सुनेत्रा पवार ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।