Donald Trump Praised PM Narendra Modi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने पीएम मोदी को ‘महान नेता’ बताते हुए कहा कि वे युद्धों से दूर रहते हैं और यही समझदारी की बात है। ट्रंप ने यह बयान फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद एक इंटरव्यू में दिया है।
दुनिया के दो महान नेताओं में लिया PM मोदी का नाम
एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में जब ट्रंप से दुनिया के दो महान नेताओं का नाम बताने को कहा गया तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का नाम लिया। ट्रंप ने कहा, मोदी बहुत अच्छे हैं। वे युद्धों से दूर रहते हैं, जो कि समझदारी है। वे 1.5 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। असल में भारत सबसे बड़ा देश है।
व्यापारिक रिश्तों का भी किया जिक्र
ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बड़े स्तर पर व्यापार होता है। उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों के बीच निष्पक्ष व्यापार हो रहा है। ट्रंप ने PM मोदी को एक बेहतरीन नेता बताते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता की भी तारीफ की है।
PM मोदी को बताया सबसे मजबूत नेता
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कठिन परिस्थितियों में आसानी से हार नहीं मानते। उन्होंने PM मोदी को शारीरिक और भावनात्मक रूप से मजबूत नेता बताया। हालांकि, जब उनसे दुनिया के सबसे कमजोर नेताओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया।
जी7 और रूस पर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने बातचीत में जी7 सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समूह का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया था। इससे पहले यह संगठन जी8 के नाम से जाना जाता था।
इजरायल को लेकर दिया बड़ा बयान
इंटरव्यू में ट्रंप ने इजरायल को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जी7 के अन्य नेताओं ने मान लिया था कि ‘मैं बॉस हूं’। ट्रंप ने कहा कि इजरायल उनकी बहुत इज्जत करता है और जैसा मैं कहूंगा, वैसा ही करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि वह नहीं होते तो आज इजरायल का अस्तित्व नहीं होता।
नेतन्याहू और ईरान पर भी रखी राय
ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को अच्छा बताया, लेकिन कहा कि उन्हें थोड़ा समझदार बनाए रखना जरूरी है। वहीं ईरान को लेकर अपनी नीति का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां जो नतीजा सामने आया, वह बिना शर्त आत्मसमर्पण और सत्ता परिवर्तन जैसा है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ टकराव के बाद उन्हें अपनी ताकत की कोई सीमा नजर नहीं आई।
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