राज्य के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर न केवल पड़ोसी राज्यों की पुलिस, बल्कि देशभर की कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है और आपसी सहयोग को मजबूत बना रही है। गैंगस्टरों के नेटवर्क का अन्य राज्यों तक पीछा करने से लेकर संयुक्त अभियानों के निर्माण तक, पंजाब पुलिस ने गिरोहों और उनके नेटवर्क की कमर तोड़ने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। खुफ़िया जानकारी साझा करने के नेटवर्क विकसित करने और संयुक्त कार्रवाई शुरू करने के साथ-साथ पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि अपराधी भौगोलिक सीमाओं का फायदा न उठा सकें। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “हम अपने उद्देश्य को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं। अपराधी यहां अपराध करके बच नहीं सकते। पंजाब पुलिस उनका कहीं भी पीछा करेगी और पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित करेगी। ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान कार्रवाई के निर्णायक 148वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हम किसी भी हालत में अपराधियों को नहीं छोड़ेंगे। अभियान शुरू होने के बाद से 37,757 असामाजिक तत्त्वों की पहचान और गिरफ़्तारी राज्य पुलिस की अपराध से निपटने की प्रतिबद्धता और कार्यशैली को दर्शाती है। मैं अन्य राज्यों के पुलिसकर्मियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने सूचना साझा करने में हमारा सहयोग किया।”
गैंगस्टर अक्सर एक राज्य में बैठकर दूसरे राज्य में अपराधों को अंजाम देते हैं, जबकि नशा तस्कर भी विभिन्न राज्यों के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। अब तक कुल 68,682 नशा तस्करों की गिरफ़्तारी के साथ पंजाब पुलिस ने अपने सबसे प्रभावी हथियारों में से एक अंतरराज्यीय सहयोग को और मज़बूत बनाया है।
यह रणनीति राज्य के चल रहे ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान का प्रमुख स्तंभ बन चुकी है, जिसके तहत पंजाब पुलिस केवल व्यक्तिगत अपराधियों को ही नहीं बल्कि संगठित अपराध को समर्थन देने वाले पूरे तंत्र को निशाना बना रही है।
अंतरराज्यीय सहयोग के तहत प्रमुख सफलताएं
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इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस समर्थित जासूसी और आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़
सबसे महत्त्वपूर्ण सफलताओं में से एक आईएसआई समर्थित जासूसी और आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करना रहा, जिसका संबंध बब्बर खालसा इंटरनेशनल से बताया गया। पंजाब और दिल्ली में संयुक्त रूप से चलाए गए इस अभियान में 11 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया। जाँच में एक ऐसे संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ, जो सुरक्षित संचार माध्यमों और रिमोट संचालित कैमरों के ज़रिए संवेदनशील सूचनाएँ जुटाकर सीमा पार अपने संचालकों तक पहुँचाता था।
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गैंगस्टर सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई
इसी रणनीति के तहत पंजाब पुलिस ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान में गैंगस्टर नेटवर्कों के ख़िलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। विशेष रूप से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े गिरोह विभिन्न राज्यों में सक्रिय नेटवर्क बनाए रखते हैं और गिरफ़्तारी से बचने के लिए अंतरराज्यीय आवाजाही का सहारा लेते हैं।
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दिल्ली में कार्रवाई
इस वर्ष की शुरुआत में विभिन्न राज्य पुलिस-बलों के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कई गैंगस्टरों को गिरफ़्तार किया गया।
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गोल्डी बराड़ के वसूली मॉड्यूल का पर्दाफाश
इसी अवधि में पंजाब पुलिस ने गोल्डी बराड़ से जुड़े एक फिरौती वसूली नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ़्तार किया और पंजाब से बाहर तक फैले नेटवर्क को ध्वस्त किया।
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अंतरराज्यीय लूटपाट गिरोह का भंडाफोड़
हाल ही में खन्ना पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में चोरी, लूट और स्नैचिंग की घटनाओं में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग के बाद आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ़्तार किया गया।
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ड्रोन तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में पंजाब के एक फरार आरोपी को गिरफ़्तार किया गया, जो पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से अवैध हथियार और मादक पदार्थ भारत में पहुँचाने वाले सीमा-पार नेटवर्क से जुड़ा था।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान

