Delhi Professor Murder Case: दिल्ली विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल हत्याकांड में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजधानी में सनसनी फैलाने वाले इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने पश्चिम बंगाल के वर्धमान से पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे लूटपाट नहीं, बल्कि संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश थी। आरोपियों ने शक से बचने के लिए अपने छोटे बच्चे को भी साथ रखा था।
4 राज्यों में चला बड़ा पुलिस अभियान
इस चर्चित हत्याकांड की जांच के लिए ईस्ट दिल्ली पुलिस ने सात विशेष टीमों का गठन किया था। इनमें चार टीमें दिल्ली में जांच कर रही थीं, जबकि अन्य टीमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड जांच के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
200 लोगों की जांच के बाद मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने करीब 200 ऐसे लोगों की पहचान की, जो घटना वाले दिन सोसायटी में आए थे या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आई थीं। इनमें से 13 लोगों से पूछताछ की गई। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की मदद से जांच टीम आखिरकार पश्चिम बंगाल के वर्धमान तक पहुंची, जहां से आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया।
संपत्ति विवाद से शुरू हुई साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पश्चिम बंगाल में स्थित एक पारिवारिक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। यह संपत्ति प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल के नाना से जुड़ी बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी दंपति उसी संपत्ति में किराएदार के रूप में रह रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी उस संपत्ति पर कब्जा करना चाहते थे, जबकि प्रोफेसर लगातार अपने अधिकारों को लेकर सक्रिय थीं। इसी विवाद ने हत्या की साजिश का रूप ले लिया।
बच्चे को साथ लेकर पहुंचे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक हत्या वाले दिन आरोपी पति-पत्नी पश्चिम बंगाल से दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने प्रोफेसर से मिलने का बहाना बनाया और अपने छोटे बच्चे को साथ लेकर सोसायटी में प्रवेश किया। जांचकर्ताओं का मानना है कि बच्चे की मौजूदगी से सुरक्षा कर्मियों और आसपास के लोगों का शक कम करने की कोशिश की गई।
फ्लैट के अंदर की गई बेरहमी से हत्या
प्रारंभिक जांच के अनुसार, फ्लैट के भीतर पहुंचने के बाद आरोपियों ने किसी भारी वस्तु से प्रोफेसर के सिर पर हमला किया। हमले में उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल की गई वस्तु अब तक बरामद नहीं हो सकी है और उसकी तलाश जारी है।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन बने अहम सबूत
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे की संदिग्ध गतिविधियां सामने आई थीं। इसके बाद पुलिस ने कैब यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल फोन की लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस पश्चिम बंगाल पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
आगे की जांच जारी
दिल्ली पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की पूरी साजिश, घटना की योजना और संभावित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार या भारी वस्तु की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।
Read More:

