Apple India Manufacturing: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भारत की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है। Apple पहले से भारत में iPhone की असेंबली कर रहा है और अब कंपनी के MacBook, iPad और Apple Watch जैसे उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग को लेकर भी संभावनाएं बढ़ रही हैं। हालांकि सरकार चाहती है कि इसके लिए भारत में पहले मजबूत कंपोनेंट सप्लाई चेन तैयार हो।
सिर्फ असेंबली नहीं, कंपोनेंट भी यहीं बनें
सरकार का जोर इस बात पर है कि भारत केवल विदेशों से आए कंपोनेंट को जोड़कर तैयार प्रोडक्ट पैक करने का केंद्र न बने। सरकार चाहती है कि Apple और उसके सप्लायर्स चिपसेट के बेस से लेकर डिवाइस की बॉडी और एनक्लोजर तक ज्यादा से ज्यादा कंपोनेंट भारत में तैयार करें। शुरुआती चरण में इन कंपोनेंट्स को चीन और वियतनाम भेजकर वहां Apple के उत्पादों में इस्तेमाल किया जा सकता है। घरेलू सप्लायर बेस मजबूत होने के बाद MacBook, iPad और Apple Watch जैसे बड़े उत्पादों की असेंबली भारत में बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
Apple की पूरी प्रोडक्ट लाइन लाने की तैयारी
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि सरकार को उम्मीद है कि Apple की पूरी प्रोडक्ट लाइन भारत में आएगी। एनक्लोजर समेत कई मैकेनिकल पार्ट्स का निर्माण पहले से भारत में हो रहा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि Apple भारत में केवल iPhone निर्माण तक सीमित नहीं रह सकता और कंपनी MacBook तथा iPad जैसे अन्य उत्पाद भी यहां बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
सब कुछ धीरे-धीरे होगा
सरकारी सूत्रों के अनुसार, Apple की पूरी प्रोडक्ट लाइन को भारत लाने की तैयारी है, लेकिन यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी। जब तक घरेलू स्तर पर कंपोनेंट इकोसिस्टम पूरी तरह मजबूत नहीं होता, तब तक भारत में पूरी तरह तैयार MacBook या iPad की असेंबली शुरू होने में समय लग सकता है। फिलहाल सरकार का फोकस Apple के उत्पादों की असेंबली बढ़ाने से ज्यादा उसके सप्लायर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर है।
अभी फिनिश्ड प्रोडक्ट की असेंबली पर फैसला नहीं
एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि निकट भविष्य में ,ऐपल भारत में अपने अन्य प्रोडक्ट का निर्माण शुरू करेगा, ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी। फिनिश्ड प्रोडक्ट्स की असेंबली बढ़ाने का फैसला बाजार के विस्तार, ऐपल की वैश्विक सोर्सिंग रणनीति और चीन से बाहर अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को डाइवर्सिफाई करने के प्रयासों पर निर्भर करेगा।
मैकेनिकल पार्ट्स पर सरकार का बड़ा फोकस
सरकार मैकेनिकल कंपोनेंट्स के घरेलू निर्माण पर विशेष जोर दे रही है। इनमें केसिंग, एनक्लोजर और बटन जैसे पार्ट्स शामिल हैं, जो डिवाइस के मदरबोर्ड और प्रोसेसर को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारत में Tata Electronics, Foxconn, Pegatron और Motherson जैसी कंपनियां ऐसे पार्ट्स तैयार कर रही हैं।
चीन और वियतनाम को हो रहा कंपोनेंट एक्सपोर्ट
भारत में तैयार किए जा रहे कई कंपोनेंट चीन और वियतनाम को निर्यात किए जा रहे हैं। वहां इनका इस्तेमाल Apple के उत्पादों में किया जाता है और तैयार डिवाइसेज को दुनिया के अलग-अलग बाजारों में भेजा जाता है। भारत से Printed Circuit Board Assembly (PCBA), हाउसिंग, फ्लेक्स PCBA, ग्रेफाइट बटन और खास पैकेजिंग मटीरियल चीन और वियतनाम को एक्सपोर्ट हो रहे हैं।
भारत बन सकता है Apple की ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा
सरकार का लक्ष्य केवल Apple के तैयार उत्पादों को भारत में असेंबल कराना नहीं, बल्कि देश को उसकी ग्लोबल सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है। घरेलू कंपोनेंट निर्माण और सप्लायर नेटवर्क मजबूत होने पर भारत में Apple के दूसरे बड़े उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग का रास्ता और आसान हो सकता है।
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