एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि क्या सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी कम की जानी चाहिए। चिंता यह है कि ज़्यादा टैक्स की वजह से अनौपचारिक तरीकों से इंपोर्ट को बढ़ावा मिल रहा है।
अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है, लेकिन अधिकारी यह आकलन कर रहे हैं कि क्या कम ड्यूटी से कानूनी इंपोर्ट ज़्यादा आकर्षक बन सकता है और तस्करी को बढ़ावा देने वाले कारणों को कम किया जा सकता है।
इंपोर्ट ड्यूटी को मौजूदा 15% से घटाकर 6% करने की अपील
खबरों के मुताबिक, बुलियन व्यापारियों और ज्वैलर्स ने सरकार से सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को मौजूदा 15% से घटाकर 6% करने की अपील की है। सोने के इंपोर्ट को रोकने, विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और चालू खाते पर दबाव कम करने के प्रयासों के तहत 13 मई, 2026 को ड्यूटी बढ़ाई गई थी।
भारत हर साल लगभग 700-800 टन सोने का इंपोर्ट करता है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े सोने के बाज़ारों में से एक बन गया है। ड्यूटी बढ़ने से पहले, अप्रैल 2026 में सोने का इंपोर्ट साल-दर-साल लगभग 82% बढ़ गया था, जिससे विदेशी मुद्रा के बाहर जाने और चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
मई में इंपोर्ट लगभग 34% बढ़ा, जबकि महीने के कुछ ही हिस्से में ज़्यादा ड्यूटी लागू थी। जून और जुलाई के दौरान, सोने का इंपोर्ट लगभग 5.5% बढ़कर 6.13 अरब डॉलर हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 5.81 अरब डॉलर था।
इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का तर्क है कि ज़्यादा टैक्स ने कानूनी रूप से इंपोर्ट किए गए सोने और तस्करी के ज़रिए आए सोने की कीमतों में अंतर बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि इससे कुल इंपोर्ट कम होने के बजाय मांग का एक हिस्सा समानांतर बाज़ार (parallel market) की ओर जा सकता है।
चांदी और प्लेटिनम पर भी समीक्षा
सरकार चांदी और प्लेटिनम जैसी अन्य कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी पर भी विचार कर रही है, हालांकि किसी भी बदलाव का समय और दायरा अभी स्पष्ट नहीं है।
ज़्यादा ड्यूटी इंपोर्ट को हतोत्साहित करके विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा कर सकती है, लेकिन इससे उन उद्योगों की लागत भी बढ़ सकती है जो इन धातुओं पर निर्भर हैं। चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़े पैमाने पर होता है, जबकि प्लेटिनम का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल और हेल्थकेयर में होता है। इसलिए सरकार विदेशी मुद्रा बचाने और बढ़ी हुई इंपोर्ट लागत के आर्थिक असर को कम करने के बीच संतुलन बनाने पर विचार कर रही है।
READ MORE: नेपाल में कुदरत का कहर! कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 400 श्रद्धालु लापता

