दिल्ली सरकार ने राजधानी के बीकन पब्लिक स्कूल के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से बिना मान्यता के संचालित होने की शिकायतों के बाद एक विस्तृत जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग की एक विशेष टीम ने स्कूल परिसर का दौरा कर वहां के दस्तावेजों और प्रशासनिक कामकाज की गहन जांच की है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन या किसी भी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है, तो बीकन पब्लिक स्कूल को बंद करने का आदेश भी दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के आधार पर की जाएगी।
ईस्ट विनोद नगर में छात्र की मौत मामले में निष्पक्ष जांच शुरू
बीकन पब्लिक स्कूल की जांच के साथ ही दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने ईस्ट विनोद नगर स्थित एक अन्य स्कूल में छात्र की दुखद मृत्यु के मामले पर भी सरकार का पक्ष रखा है। इस बेहद संवेदनशील और दुखद घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित शिक्षिका का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच को किसी भी तरह के प्रभाव से मुक्त रखने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि घटना के सही कारणों और परिस्थितियों का पारदर्शी तरीके से पता लगाया जा सके।
लापरवाही मिलने पर दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
The tragic death of the student at the school in East Vinod Nagar is a deeply distressing and serious matter. An impartial inquiry is underway to ascertain the circumstances surrounding the incident, and pending its completion, the concerned teacher has been transferred with…
— Ashish Sood (@ashishsood_bjp) August 31, 2026
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए इस पूरे मामले पर सरकार की गंभीरता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छात्र की मृत्यु की घटना अत्यंत दुखद और गंभीर है, जिसे सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ देख रही है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि जांच रिपोर्ट में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही, कर्तव्य में कोताही या प्रशासनिक ढिलाई साबित होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की सुरक्षा और भलाई सरकार की पहली प्राथमिकता
शिक्षा मंत्री ने दिल्ली के सभी स्कूलों को चेतावनी देते हुए दोहराया कि सरकार बच्चों की सुरक्षा और उनके कल्याण से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनिवार्य नियमों की अनदेखी करने वाले या नियमों को तोड़ने वाले शिक्षण संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली का हर बच्चा एक सुरक्षित, मान्यता प्राप्त और जवाबदेह शैक्षणिक माहौल में पढ़ाई करे, और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


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