राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस से देश की जनता और राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से माफी मांगने की मांग की है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ का गायन किया जा रहा था और गीत के दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से इसे रोकने के लिए कहा। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग इस घटना को देख रहे थे और कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
‘कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए’
अमित शाह ने कहा, “कोई ‘वंदे मातरम’ गीत को अधूरा छोड़ने का सपना भी कैसे देख सकता है? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट-बैंक की राजनीति के कारण राष्ट्रगीत के महत्व को भूल गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोगों के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की स्मृति के प्रति भी सम्मान दिखाते हुए माफी मांगनी चाहिए।
आजादी की लड़ाई से जुड़ा ‘वंदे मातरम’
गृह मंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम’ की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारियों का प्रमुख नारा रहा। उनके मुताबिक, हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष करते हुए लाठियां खाईं, गोलियां झेलीं और जेल गए। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस के समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के 80 साल बाद लाल किले सहित देशभर में ध्वजारोहण के अवसर पर ‘वंदे मातरम’ का गायन हुआ।
कांग्रेस जनता से मांगे माफी
अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर तीखा हमला जारी रखते हुए कहा कि अगर पार्टी में थोड़ी भी शर्म बची है तो उसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की स्मृति और देश की जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए।
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