पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। सेना के करीबी माने जाने वाले सीनेटर फैसल वावदा ने उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से इस्तीफे की मांग की है। यह मांग ऐसे समय में उठी है, जब मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मोहम्मद रजा डार को गिरफ्तार किया गया है, जिसे पुलिस सूत्र इशाक डार का रिश्तेदार बताते हैं।
लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के साथ हुआ था दुष्कर्म
यह मामला 29 जून का है, जब नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं के अपहरण और गैंगरेप का आरोप सामने आया। पुलिस ने फिलहाल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से एक आरोपी फरार है। लाहौर की अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
क्रिप्टो कारोबार के जरिए हुई थी पहचान
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी मोहम्मद रजा डार की दोनों महिलाओं से मुलाकात पिछले वर्ष सिंगापुर में हुई थी। बताया जा रहा है कि वे एक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर में बिजनेस पार्टनर थे। पाकिस्तान आने के लिए दोनों महिलाओं के बिजनेस वीजा की व्यवस्था भी रजा डार ने ही कराई थी।
फैसल वावदा का हमला
सीनेटर फैसल वावदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पाकिस्तान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को “फैमिली कॉरपोरेशन” की तरह चलाया जा रहा है। वावदा ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बीच इशाक डार का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित विदेशी दूतावास के हस्तक्षेप के बाद ही आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
जांच को प्रभावित करने का आरोप
सीनेटर फैसल वावदा ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को गैंगरेप की बजाय जबरन वसूली के केस तक सीमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीड़ित विदेशी महिलाओं को जल्द उनके देश वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।
Read More
PM मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट पर 480 करोड़ रुपये की लागत से बनी नई टर्मिनल बिल्डिंग का किया उद्घाटन

