सिंगापुर की एक अदालत ने शुक्रवार को दो भारतीय नागरिकों को जेल की सज़ा सुनाई। इन पर बिना ज़रूरी लाइसेंस के प्रवासी मज़दूरों के बैंक खातों से पैसे निकालकर भारत भेजने का गैर-कानूनी नेटवर्क चलाने का आरोप था। स्थानीय अख़बार ‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ ने यह रिपोर्ट दी।
अंगप्पन अरिवलगन (33) और दुरैराज कुलोथुंगन (27) को सिंगापुर के संबंधित कानूनों के तहत बिना मंज़ूरी के सीमा-पार पैसे भेजने की सेवाएँ चलाने का दोषी पाया गया। अरिवलगन को 15 महीने और तीन हफ़्ते की जेल और 6,000 SGD का जुर्माना हुआ, जबकि कुलोथुंगन को आठ महीने और तीन हफ़्ते की जेल की सज़ा सुनाई गई।
गैर-कानूनी काम का निशाना थे प्रवासी मज़दूर
रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के दौरान अरिवलगन ने उसी डॉरमिटरी में रहने वाले कई प्रवासी मज़दूरों को राज़ी किया कि वे उसे अपने बैंक खातों से पैसे निकालने और भारत पैसे भेजने की व्यवस्था करने दें।
इस काम में मज़दूरों से इकट्ठा किए गए कैश का इस्तेमाल सामान खरीदने में किया जाता था, जिसे बाद में विदेश भेजकर मुनाफ़े पर बेचा जाता था। कुलोथुंगन मार्च 2023 में इस काम में शामिल हुआ और मज़दूरों के ATM कार्ड का इस्तेमाल करके रोज़ाना कैश निकालने में अरिवलगन की मदद करता था।
सूचना मिलने पर गिरफ़्तारी हुई
यह गैर-कानूनी काम जुलाई 2023 में तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने कुलोथुंगन को प्लाज़ा सिंगापुर के ATM से बड़ी मात्रा में कैश निकालते देखा और पुलिस को सूचना दी। अधिकारियों ने उसे मौके पर ही गिरफ़्तार कर लिया और 51 ATM कार्ड के साथ लगभग 75,000 SGD कैश ज़ब्त किया। अरिवलगन को अगले महीने गिरफ़्तार किया गया।
10 मिलियन SGD से ज़्यादा रकम भेजी गई
डिप्टी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर डैफ़ने लिम और टेंग यिन हैंग ने बताया कि जनवरी से 12 मार्च 2023 के बीच, 28 बैंक खातों से कुल 4,099,305 SGD गैर-कानूनी तरीके से भेजे गए। उन्होंने आगे बताया कि 13 मार्च और जुलाई 2023 के बीच 33 बैंक खातों से 6,166,515 SGD गैर-कानूनी तरीके से भेजे गए।
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