गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनावों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है, जहाँ सभी सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। इन तीनों राज्यों में मुख्य मुकाबला होने से पहले ही राजनीतिक समीकरणों के चलते प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत तय हो गई। गुजरात में आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव अब नहीं कराए जाएंगे, क्योंकि चुनाव आयोग ने वहाँ की सभी चार सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों की जीत की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसी तरह राजस्थान की तीन और मध्य प्रदेश की तीन सीटों पर भी बिना मतदान के ही नए सांसद चुन लिए गए हैं।
गुजरात में प्रचंड बहुमत के आगे विपक्ष ने घुटने टेके
गुजरात की चारों सीटों पर बीजेपी की इस एकतरफा जीत की मुख्य वजह विधानसभा का मौजूदा संख्या बल रहा। वर्तमान गुजरात विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के पास 161 सीटों का भारी बहुमत है, जिसके सामने विपक्षी खेमा बेहद कमजोर नजर आ रहा है। राज्य में कांग्रेस के पास केवल 12 सीटें और आम आदमी पार्टी (आप) के पास महज पांच सीटें हैं। इस बेहद कम संख्या बल के कारण किसी भी विपक्षी दल ने अपना प्रत्याशी खड़ा करने का जोखिम नहीं उठाया। इसके परिणामस्वरूप चुनाव आयोग ने बीजेपी के चारों उम्मीदवारों राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्रभाई मेघजीभाई कंजारिया को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया।
राजस्थान में भी बिना वोटिंग के चुने गए नए सांसद
गुजरात की ही तर्ज पर राजस्थान में भी राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव के नतीजे बिना किसी मुकाबले के सामने आ गए हैं। राज्य के राजनीतिक हालातों को देखते हुए चुनाव अधिकारी ने सभी तीन उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया है। राजस्थान से संसद के उच्च सदन के लिए चुने गए इन नेताओं में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के चेहरे शामिल हैं। यहाँ भारतीय जनता पार्टी के डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका सिंह गुर्जर ने जीत हासिल की है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से नीरज डांगी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है।
मध्य प्रदेश से बीजेपी के दिग्गज नेताओं की संसद में एंट्री
इन दोनों राज्यों के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी राज्यसभा चुनाव की औपचारिकताएं समय से पहले ही पूरी हो गईं। मध्य प्रदेश की तीन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के तीनों उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है, जिससे पार्टी का ढांचा संसद में और मजबूत होगा। उच्च सदन के लिए चुने गए इन नेताओं में BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल और पूर्व सांसद व राज्य मछुआरा कल्याण बोर्ड के प्रमुख रहे महेश केवट शामिल हैं। इन प्रमुख नेताओं के निर्विरोध निर्वाचन से संसद के भीतर सत्तापक्ष की ताकत में और इजाफा होना तय माना जा रहा है।