जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालातों के कारण तीन प्रमुख धार्मिक यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा(Vaishno Devi) और शिवखोड़ी धाम यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। फिलहाल करीब 6,000 से अधिक श्रद्धालुओं को अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।
प्रशासन के मुताबिक, जम्मू, कठुआ, सांबा, ऊधमपुर, रामबन, बनिहाल और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं। मौसम में सुधार होने और यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने तक उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस दौरान यात्रियों के रहने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जा रही है।
अमरनाथ यात्रा पर मौसम का असर
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक लगभग 3.91 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि 19 जुलाई से लगातार खराब मौसम के चलते पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर सहित विभिन्न पड़ावों पर मौजूद श्रद्धालुओं को फिलहाल इंतजार करने की सलाह दी गई है।
वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्रा भी प्रभावित
माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान अर्धकुंवारी और भवन के बीच नए ट्रैक पर भूस्खलन होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके कारण बैटरी कार सेवा भी बाधित हो गई है। वहीं, रियासी जिले स्थित शिवखोड़ी धाम की यात्रा भी लगातार बारिश और सड़क संपर्क प्रभावित होने के कारण फिलहाल बंद कर दी गई है। संबंधित टीमें रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे बिना अनुमति यात्रा मार्गों पर आगे बढ़ने का प्रयास न करें और पुलिस, प्रशासन तथा श्राइन बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्राएं दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।