Bihar Muzaffarpur Prasad Hospital Fire: दिल्ली के मालवीय नगर के होटल के बाद अब बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल के ICU में गुरुवार तड़के भीषण आग लग गई है। हादसे में लगभग चार मरीजों की मौत हो गई है, जबकि 12 सुरक्षित निकाले गए मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा सुबह करीब तीन बजे हुआ, जिसके बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि आईसीयू में भर्ती कई मरीज पहले से गंभीर हालत में भर्ती थे।
धुएं से बिगड़ी मरीजों की हालत
जानकारी के मुताबिक अस्पताल के आईसीयू में कुल 15 बेड मौजूद थे। आग लगने के बाद पूरे वार्ड में तेजी से धुआं भर गया, जिससे मरीजों को सांस लेने में परेशानी हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ज्यादातर मरीजों का धुएं में दम घुटने लगा था। मौके पर मौजूद लोगों और राहतकर्मियों की मदद से मरीजों को बाहर निकाला गया।
तुरंत मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सुबह करीब 3:55 बजे अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान कुल 15 मरीजों को बाहर निकाला गया। इनमें से तीन मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा कारण
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, हार्ट मॉनिटर और अन्य कई चिकित्सा उपकरण लगे हुए थे। आशंका है कि इनमें से किसी उपकरण में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी। हालांकि आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
ICU में थे गंभीर मरीज
पुलिस के मुताबिक आईसीयू में 13 नियमित बेड और दो अतिरिक्त बेड लगाए गए थे। हादसे के समय कम से कम 13 मरीज भर्ती होने की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य मरीजों के भी वहां मौजूद होने की संभावना जताई गई है। चूंकि आईसीयू में भर्ती मरीज गंभीर अवस्था में होते हैं, इसलिए उन्हें तुरंत दूसरे अस्पतालों के आईसीयू में शिफ्ट किया गया।
अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल
हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। घटनास्थल पर अस्पताल प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। मीडिया के पहुंचने पर भी प्रबंधन की ओर से कोई रिएक्शन सामने नहीं आया। वहीं अस्पताल का एक सुरक्षा गार्ड अपनी यूनिफॉर्म हटाकर सामान्य कपड़ों में दिखाई दिया, जिससे प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर और सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के बाद पता चलेगी सच्चाई
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और बचाव अभियान समाप्त हो चुका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों में लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुआ।
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