LPG Rules 2026: देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा देने और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां सख्ती की तैयारी में हैं। 1 जून से लागू होने वाले संभावित बदलावों के तहत उन परिवारों पर कार्रवाई हो सकती है, जिनके पास एक ही पते पर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन मौजूद हैं।
PNG कनेक्शन वालों पर बढ़ी निगरानी
सरकार का मानना है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे एलपीजी पर निर्भरता कम करनी चाहिए। मार्च तक देश में करीब 6.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए, लेकिन वास्तविक उपयोग अपेक्षा से कम रहा। आंकड़ों के अनुसार पीएनजी आपूर्ति में करीब 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जिससे संकेत मिलता है कि कई परिवारों ने पीएनजी कनेक्शन लेने के बावजूद एलपीजी का इस्तेमाल जारी रखा।
एक गैस कनेक्शन पर जोर
संशोधित व्यवस्था के तहत एक ही पते पर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन रखने वालों की पहचान की जा रही है। तेल कंपनियों का उद्देश्य घरेलू गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाना है। जिन इलाकों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए कहा जा सकता है।
30 दिन के भीतर करना पड़ सकता है फैसला
नियमों के अनुसार पीएनजी कनेक्शन मिलने के बाद उपभोक्ताओं को तय समय सीमा के भीतर एलपीजी कनेक्शन बंद करना पड़ सकता है। हालांकि भविष्य में ऐसी जगह जाने पर, जहां पीएनजी की सुविधा उपलब्ध न हो, एलपीजी कनेक्शन को दोबारा चालू कराने का ऑप्शन भी आपको दिया जाएगा।
सिलेंडर बुकिंग पर लग सकती है रोक
पीएनजी पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और रिफिलिंग पर रोक लगाई जा सकती है। इसके लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के डिजिटल रिकॉर्ड को जमा किया गया है, जिससे दोनों प्रकार के कनेक्शनों की निगरानी आसान होगी।
LPG उपभोक्ताओं की संख्या दोगुनी
पिछले एक दशक में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर लगभग 33.5 करोड़ हो गई है। इसके मुकाबले पीएनजी उपभोक्ताओं की संख्या केवल 1.64 करोड़ तक पहुंची है। सरकार इस अंतर को कम करने और गैस वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।
रिफिल के नियम भी हो सकते हैं सख्त
आपूर्ति प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एलपीजी रिफिल की लॉक-इन अवधि बढ़ाई जा सकती है। शहरी क्षेत्रों में यह अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक की जा सकती है। इससे बार-बार बुकिंग और दुरुपयोग की संभावना कम होगी।
सब्सिडी और नए कनेक्शन पर क्या असर होगा
घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह साल में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते रहेंगे। इसके बाद अतिरिक्त सिलेंडर बाजार मूल्य पर उपलब्ध होंगे। वहीं नए एलपीजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को संशोधित सुरक्षा जमा राशि, रेगुलेटर, पाइप और इंस्टॉलेशन शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है।
30 जून तक बढ़ाई गई समय सीमा
सरकार ने पीएनजी नेटवर्क के विस्तार और उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था के अनुरूप ढलने का अवसर देने के लिए कुछ क्षेत्रों में समय सीमा 30 जून तक बढ़ाने का फैसला किया है। आने वाले दिनों में गैस उपभोक्ताओं के लिए नियमों को लेकर और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
Read More:
फरीदाबाद के NIT क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं समेत SMS पर रोक, हरियाणा सरकार ने जारी किया आदेश

