पंजाब पहली बार प्रतिष्ठित ‘मेंस एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी’ की मेजबानी करने जा रहा है। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बीते गुरुवार को हॉकी इंडिया और हॉकी फेडरेशन के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में टूर्नामेंट की तैयारियों, खिलाड़ियों की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਯੋਜਿਤ ਹੋਣ ਜਾ ਰਹੀ 'ਏਸ਼ੀਅਨ ਹਾਕੀ ਚੈਂਪੀਅਨਸ਼ਿਪ ਟਰਾਫੀ' ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅੱਜ ਭਾਰਤੀ ਹਾਕੀ ਫੈਡਰੇਸ਼ਨ ਦੇ ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਨਾਲ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕੀਤੀ।
ਪੰਜਾਬ ਹਮੇਸ਼ਾ ਤੋਂ ਹੀ ਹਾਕੀ ਦੀ ਨਰਸਰੀ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਡੀ ਧਰਤੀ 'ਤੇ ਅਜਿਹੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦਾ ਹੋਣਾ ਸਾਡੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਡ… pic.twitter.com/S4MY0ETeQd— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 21, 2026
‘पंजाब हमेशा से हॉकी की नर्सरी रहा’
CM भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का हॉकी से ऐतिहासिक रिश्ता रहा है और राज्य हमेशा से देश को बेहतरीन खिलाड़ी देता आया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पंजाब के युवाओं को खेलों की ओर बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने और आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘वाइब्रेंट पंजाब’ के विजन के तहत खेल संस्कृति को और मजबूत करने की बात भी कही।
मोहाली और जालंधर में होगा टूर्नामेंट
एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन अक्टूबर से नवंबर के बीच मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में एशिया की 6 प्रमुख हॉकी टीमें हिस्सा लेंगी। करीब दो दशक बाद पंजाब में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की वापसी हो रही है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में हॉकी को नई पहचान मिलेगी और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी आधुनिक बनाया जा सकेगा।
खेल बजट में बड़ा इजाफा
पंजाब सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बजट में भी बड़ा इजाफा किया है। वर्ष 2026-27 के बजट में खेल विभाग के लिए रिकॉर्ड 1,791 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पहले यह बजट करीब 350 करोड़ रुपये था। इसके अलावा राज्य में कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है। सरकार ने 48 पूर्व और महान खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त भी किया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से पंजाब में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
Read More

