Silver Import Restricted: केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए इसके इंपोर्ट के लिए सरकारी मंजूरी जरुरी कर दी है। सरकार ने सिल्वर को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। अब कोई भी कारोबारी या संस्था बिना लाइसेंस या सरकारी अनुमति के चांदी का आयात नहीं कर सकेगी। यह फैसला शनिवार से लागू कर दिया गया है।
तेजी से बढ़ रहे इंपोर्ट के बाद लिया गया फैसला
सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब देश में चांदी के आयात में लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अप्रैल 2026 में सिल्वर इंपोर्ट सालाना आधार पर करीब 157 फीसदी बढ़ गया। सरकार का मानना है कि सोने और चांदी के बढ़ते आयात से विदेशी मुद्रा भंडार पर ज्यादा दबाव पड़ रहा है, इसलिए इसे कंट्रोल में करना जरूरी हो गया था।
आयात शुल्क बढ़ाने के बाद सरकार सख्त
हाल ही में केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया था। इसके बाद अब चांदी के आयात पर सीधा नियंत्रण लगाने का फैसला लिया गया है। सरकार की कोशिश है कि गैर-जरूरी आयात को कम किया जाए और ऊर्जा तथा उर्वरक जैसी जरूरी वस्तुओं के लिए विदेशी मुद्रा बचाई जा सके।
किन चांदी उत्पादों पर लागू होगा नियम?
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, दो प्रकार के एचएस कोड के तहत आने वाली चांदी इस फैसले के दायरे में आएगी। इसमें 99.9 फीसदी या उससे अधिक शुद्धता वाली बुलियन-ग्रेड चांदी की छड़ें और अन्य प्रकार की सिल्वर बार शामिल हैं। हार्मोनाइज्ड सिस्टम यानी एचएस कोड अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक उत्पादों की पहचान और वर्गीकरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर सरकार सतर्क
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। भारत के पास फिलहाल 690 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है, जो करीब 10 महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त माना जाता है। इसके बावजूद सरकार अनावश्यक आयात और खर्च को सीमित करने पर जोर दे रही है। हाल ही में सरकार ने लोगों से गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील भी की थी।
सोने से कई गुना तेजी से बढ़ा चांदी का आयात
वित्तीय वर्ष 2026 में भारत का सोने का आयात 24.08 फीसदी बढ़कर 71.98 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं चांदी का आयात 149.48 फीसदी की बड़ी छलांग के साथ 12.05 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे साफ है कि चांदी के आयात में बेहद तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसने सरकार की चिंता बढ़ा दी।
अप्रैल में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा सिल्वर इंपोर्ट
सरकार द्वारा जारी व्यापार आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में चांदी का आयात बढ़कर 411.06 मिलियन डॉलर हो गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह 159.85 मिलियन डॉलर था। रुपये के हिसाब से देखें तो अप्रैल 2026 में सिल्वर इंपोर्ट 181.17 फीसदी बढ़कर 3,845.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 1,367.67 करोड़ रुपये था।
मार्च के आंकड़ों में भी दिखी बढ़ोतरी
हालांकि अप्रैल महीने की आयात मात्रा के आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन मार्च 2026 के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। मार्च 2025 में भारत ने 128,987 किलोग्राम चांदी का आयात किया था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 247,008 किलोग्राम हो गया। यानी मात्रा के हिसाब से भी इसमें करीब 91 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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