गुरुग्राम(Gurugram) के सेक्टर-112 स्थित द्वारका एक्सप्रेस-वे के पास शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में काले धुएं का घना गुबार छा गया। दूर-दूर तक उठती आग की ऊंची लपटों को देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
जानकारी के मुताबिक, जिस फैक्ट्री में आग लगी वहां प्लास्टिक दाना तैयार करने का काम किया जाता था। फैक्ट्री परिसर में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के बाद कुछ देर तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग हुआ सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग सक्रिय हो गया। शुरुआती तौर पर चार फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही आग बुझाने का अभियान शुरू किया लेकिन फैक्ट्री के अंदर प्लास्टिक सामग्री अधिक होने की वजह से आग पर नियंत्रण पाना आसान नहीं था। आग लगातार फैलती जा रही थी और धुएं के कारण आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा था।
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग बुझाने के दौरान टीम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मुख्य सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा था जिसकी वजह से दमकल वाहनों को फैक्ट्री तक पहुंचने में परेशानी हुई। कई जगह रास्ता संकरा होने और ट्रैफिक बाधित रहने से राहत कार्य की गति प्रभावित हुई। हालांकि, दमकल कर्मियों ने वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करते हुए समय रहते घटनास्थल तक पहुंचकर स्थिति संभाली।
कई घटों चला रेस्क्यू
करीब कई घंटों तक चले रेस्क्यू और राहत अभियान के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मचारियों ने लगातार पानी की बौछार कर आसपास की अन्य इकाइयों तक आग फैलने से रोकने की कोशिश की। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो आग आसपास की फैक्ट्रियों और इमारतों तक भी पहुंच सकती थी।
फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, फैक्ट्री के भीतर रखा मशीनरी सामान, कच्चा माल और अन्य उपकरण बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, आग से लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है।
नहीं सामने आई आग की वजह
आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं। प्राथमिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण होना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।